हिन्दी दिवस
हिन्दी है माथे की बिन्दी
हिन्दी है मर्यादा
हिन्दी में सब शक्ति समाहित
हर भाषा से ज्यादा
हिन्दी माँ का प्रथम शब्द है
और ममता की बोली
भाई को बहना से जोडे़
है शब्दों की डोरी
हिन्दी जग की वह भाषा है
जिसमें सर्व समाहित
जन-जन की भाषा परिपूर्णित
जिसमें होता सबका हित
हिन्दी दिवस में करें आज प्रण
हिन्दी को अपनायें
परभाषा का मोह मिटाकर
देश का मान बढ़ायें
रचयिता
रीता गुप्ता,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलेक्टर पुरवा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

Comments
Post a Comment