172/2026, बाल कहानी- 30 सितम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 172 /2026
*30 सितम्बर 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी - # चालक_लोमड़ी
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पहाड़ों के बीच में एक छोटा सा गाँव था, जिसका नाम था करीमपुर। वहाँ पर एक किसान रहता था, जिसका नाम रामू था। रामू खेती बाड़ी का करके अपना जीवन यापन करता था। उसके परिवार में उसके माता-पिता पत्नी और बच्चे थे।
एक बार कोई जंगली जानवर खेतों की फसलों को नुकसान पहुँचा रहा था। सारे किसान परेशान हो गए थे, पर कोई उस जानवर का पता नहीं लगा पा रहा था। रामू ने उस जानवर का पता लगाने की ठानी और वह रात में पहरा देने लगा। उसने देखा कि रात मे एक चालाक लोमड़ी आती है और फसलें खराब कर देती हैं।
रामू ने लोमड़ी को पकड़ने के लिए खेत के चारों ओर एक जाल बिछा दिया। अगले दिन रात में जब लोमड़ी खेत में आई, तो वह रामू के बिछाए जाल में फँस गई। लोमड़ी में तुरन्त ही जाल से छूटने का उपाय सोचा।
उसने अपनी चालाकी का इस्तेमाल करते हुए पास से गुजर रहे एक कुत्ते से कहा, "किसान ने मुझे इस मुर्गियों के बाड़े का पहरेदार बनाया है, क्या तुम मेरी जगह यह काम करोगे?" कुत्ते ने लालच में आकर लोमड़ी को जाल से बाहर निकाल दिया और खुद उसकी जगह बँध गया। लोमड़ी झटपट जंगल की तरफ भाग गई और सुबह होते ही किसानों ने जाल में कुत्ते को पाया। उन्होंने बिना सोचे समझे उसे पीटना शुरू कर दिया बेचारा कुत्ता किसान की लाठियों का शिकार बन गया।
#संस्कार_सन्देश -
कभी भी किसी चालाक व्यक्ति की बातों में बिना सोचे-समझे नहीं आना चाहिए और न ही लालच में पड़ना चाहिए।
कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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