171/2026, बाल कहानी- 29 सितम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 171/2026
*29 सितम्बर 2027 (मंगलवार)*
#बाल_कहानी- #दान
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रामदास नाम के सेठ बहुत ही दानी कहे जाते थे। उनके सामने जो भी आता था या उनके दरवाजे पर दस्तक देता था, खाली हाथ नहीं जाता था। सेठ जी को कहीं भी कोई भी व्यक्ति हाथ फैलाता मिलता तो वह तुरन्त उसकी मदद करते थे।
एक दिन सेठ जी मन्दिर में दर्शन करने गये। तभी वहाँ पर एक आदमी आया और सेठ जी से कहने लगा, "मालिक! कुछ पैसे दे दो।" सेठ जी ने कहा, "क्यों नहीं भाई! जरूर दूँगा।"
सेठ जी ने पैसे निकाले और उस आदमी को दे दिए। वह आदमी पैसे लेकर चला गया। कुछ देर बाद वहाँ खड़े हुए दो आदमी आये और सेठ जी से बोले, "सेठ जी! आपको पता है, आपने किसको पैसे दिए हैं? वह आदमी एक नम्बर का शराबी है। बाहर जायेगा और शराब पियेगा।"
सेठ जी ने मुस्कुराकर उत्तर दिया, "देखो, भाई! मेरा काम बस परोपकार करना है। मैं नहीं जानता, कौन किस भावना से पैसे ले जाता है? लेकिन मेरी भावना सदैव सच्ची होती है। अगर किसी चीज का सदुपयोग होता है तो दुरुपयोग भी हो सकता है। मैंने सच्ची भावना से पैसे दान कर दिए हैं। अब चाहे वह आदमी कुछ भी करे।"
दान सदैव दिल और मन से दिया जाता है। यह सुनकर दोनों आदमी चुपचाप चले गए। सेठ जी मुस्कुराकर मन्दिर में दर्शन करने चले गये।
#संस्कार_सन्देश -
जरूरतमन्द को दिया गया दान असीम सुकून, शान्ति और खुशी देता है।
कहानीकार-
#शालिनी (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय- कूँड़
विकासखण्ड- करहल,
जनपद- मैनपुरी (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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