153/2026, बाल कहानी- 03 सितम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 153/2026
*03 सितम्बर 2026 (गुरुवार)*
#बाल_कहानी - #बलराम_जी_का_जन्म 
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हलषष्ठी व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्म उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। 
मान्यता अनुसार महिलाएंँ अपनी सन्तानों की दीर्घायु के लिए हलषष्ठी व्रत रखती है। इस दिन भगवान श्री गणेश जी और माता गौरा की पूजा होती है।
इस व्रत में दूध, घी, सूखे मेवे लाल चावल का सेवन किया जाता है। इससे जुड़ी एक कहानी प्रस्तुत है-
प्राचीन काल में एक ग्वालिन थी। उसका प्रसवकाल निकट था। वह प्रसव से बहुत परेशान और व्याकुल थी। दूसरी और उसका मन गौ-रस बेचने में लगा हुआ था। उसने सोचा कि यदि प्रसव हो गया।तो गौ-रस यूँ ही पड़ा रह जाएगा। यह सोच उसने दूध, दही के घड़े सर पर रखे और बेचने चल दी। किन्तु कुछ दूर पहुँचने पर असहनीय पीड़ा हुई। 
वह एक झरबेरी की ओट में चली गई और वहांँ बच्चे को जन्म दिया। वह बच्चे को छोड़कर दूध बेचने चली गई।संयोग से उस दिन हलषष्ठी थी। गाय, भैंस मिश्रित दूध दही था और भैंस का बताकर बेंच दिया। क्योंकि हलषष्ठी व्रत में भैंस के दूध, दही से पूजा होती है। उधर जिस झरबेरी के नीचे उसने बच्चे को छोड़ा था। उसके समीप ही खेत में किसान हल जोत रहा था। हल शरीर में घुसने से वह बालक मर गया। इस बात से किसान को बहुत दु:खी हुआ। उसने झरबेरी के काँटों से ही बच्चे के चिरे हुए पेट में टांके लगा दिए और चला गया। कुछ देर बाद ग्वालिन दूध बेचकर आयी।
बच्चे की दशा देख उसे समझते देर नहीं लगी कि यह सब उसके पाप की सजा है। वह सोचने लगी यदि मैंने झूठ बोलकर दूध न बेंचा होता तो मेरे बच्चे की यह दशा न होती। वह गाँव वालों के पास गई और पूरी बात बताई। उसने उनसे माँफी माँगी कि, "मैंने झूठ बोलकर दूध, दही बेचा है कि यह भैंस का दूध है।" यह बात सुनकर गाँव वालों ने क्षमा कर दिया और आशीर्वाद दिया।
स्त्रियों का आशीर्वाद मिलने के बाद झरबेरी के नीचे पहुंँची तो वह आश्चर्यचकित रह गई। देखा कि उसका पुत्र जीवित अवस्था में है। तभी उस ग्वालिन ने कसम खायी कि, "जीवन में कभी भी झूठ नहीं बोलूँगीं और न ही कोई ऐसा कार्य करुँगी, जिससे दूसरों को कष्ट हो।" उसने झूठ ना बोलने का प्रण भी कर लिया।

#संस्कार_सन्देश -
हमें कभी भी किसी की धार्मिक भावनाएँ आहत करके किसी का धर्म नष्ट नहीं करना चाहिए। 

रचनाकार -
#जुगल_किशोर_त्रिपाठी
प्रा० वि० बम्हौरी (कम्पोजिट)
मऊरानीपुर, झाँसी (उ०प्र०)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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