162/2026, बाल कहानी- 15 सितम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 162/2026
*15 सितम्बर 2026 (मंगलवार)*
#बाल_कहानी - #गलती_का_एहसास
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एक गाँव में सोनू नाम का एक नटखट लड़का रहता था। उसे मीठे अमरूद बहुत पसन्द थे। गाँव के जमींदार का एक बड़ा सा अमरुद का बगीचा था, जिसकी रखवाली एक माली करता था। जमींदार ने किसी को भी बिना पूछे अमरूद तोड़ने की इजाजत नहीं दी थी। माली दिन-भर बगीचे की रखवाली करता था लेकिन एक दिन अचानक जब वह सो रहा था, तभी सोनू चुपके से बगीचे में घुस गया। उसने माली के सोने का फायदा उठाया। वह पेड़ पर चढ़ गया और सबसे बड़े अमरूद तोड़ लिए। जैसे ही वह नीचे उतरने लगा, उसका पैर फिसला और वह जोर से जमीन पर गिर पड़ा। उसके पैर में गहरी चोट आई और वह दर्द से चिल्लाने लगा।
सोनू की आवाज सुनकर माली जाग गया। वह जल्दी से कमरे से बाहर आया। यह देखकर सोनू डर गया कि माली अब उसकी पिटाई करेगा। लेकिन माली ने सोनू को डाँटने के बजाय उसे प्यार से उठाया, उसके घाव पर पट्टी बाँधी और पीने के लिए पानी दिया। फिर माली ने सोनू को समझाते हुए कहा, "बेटा! अगर तुम्हें अमरूद चाहिए थे तो तुम माँग सकते थे। चोरी करना बुरी बात है और जल्दबाजी में नुकसान तुम्हारा ही हुआ।" चोरी करना बहुत बुरी बात होती है
सोनू को अपनी गलती का अहसास हुआ। उसने माली से माफी माँगी और वादा किया कि वह कभी चोरी नहीं करेगा। माली ने मुस्कुराते हुए सोनू को टोकरी में से दो मीठे अमरूद खाने के लिए दिए।

#संस्कार_सन्देश - 
चोरी करना बुरी आदत है और गलत काम का नतीजा हमेशा बुरा होता है। ईमानदारी से माँगी गई चीज हमेशा खुशी देती है।

कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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