152/2026, बाल कहानी- 02 सितम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 152/2026
*02 सितम्बर 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी - #जिसको_रब_रखे_उसको_कौन_चखे
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रात के लगभग एक बज रहे थे। गाँव में तिलक का कार्यक्रम चल रहा था। तेज आवाज में डीजे बज रहा था और गाँव के बच्चे-बड़े सभी कार्यक्रम में व्यस्त थे।
नैना देवी, जिनकी उम्र पैंसठ वर्ष थी, थकान के कारण घर वापस आ गयीं। बिजली न होने के कारण वह छत पर सोने गयीं। छत पर चारदीवारी नहीं थी। अँधेरा होने के कारण उन्हें छत के किनारे का अन्दाजा नहीं लगा और पैर फिसलने से वे नीचे गिर गयीं। 
सिर में गम्भीर चोट लगने के कारण काफी खून गया और वे बेहोश हो गईं। गाँव में तेज डीजे बजने के कारण किसी को भी उनकी आवाज सुनाई नहीं दी।
करीब चार घण्टे बीत जाने के बाद सुबह एक व्यक्ति की नजर उन पर पड़ी। गाँव वालों ने उन्हें तुरन्त अस्पताल पहुँचाया। जाँच के बाद पता चला कि उनके सिर में गम्भीर चोटें आयी हैं ।
कई घण्टे के बाद नैना देवी को होश आया, लेकिन वो किसी को पहचान नहीं पा रही थी। परिवार को लगा कि अब उनका बचना मुश्किल है। लेकिन कुछ दिनों बाद उनकी हालत सुधारने लगी और वह धीरे-धीरे सभी को पहचानने लगीं। जिसके बचने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी, वही मौत को मात देकर जीवन की ओर लौट आयी थीं।

#संस्कार_सन्देश - 
जीवन और मृत्यु का फैसला इन्सान के हाथ में नहीं, ईश्वर के हाथ में है। सच ही कहा गया है कि जिसको रब रखे, उसको कौन चखे?

कहानीकार - 
#रुखसार_परवीन (स०अ०)
उच्च प्रा० वि० गजपतिपुर
बहराइच, उत्तर प्रदेश

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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