166/2026, बाल कहानी- 21 सितम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 166 /2026
*21 सितम्बर 2026 (सोमवार)*
#बाल_कहानी - #होशियार_बकरी
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एक घने जंगल में शेर रहता था। वह प्रतिदिन जंगली जानवरों का शिकार करता और उन्हें मारकर खा जाता था। सारे जंगली जानवर उससे डरते थे।
कई सालों तक यही चलता रहा पर कुछ दिनों से वह बीमार रहने लगा और कमजोर भी हो गया।
अब उसे शिकार करने में दिक्कत होने लगी। उसने शिकार करने के लिए एक नया तरीका सोचा। वह जानवरों को बेवकूफ बनाकर अपने पास बुलाता था और धीरे से मौका पाकर उन्हें मार कर खा जाता था।
एक बार की बात है, वह शेर नदी पर पानी पीने गया, जहाँ एक बकरी भी पानी पी रही थी। शेर ने शिकार करने की नीयत से बकरी पर नदी का पानी गन्दा करने का झूठा आरोप लगाया और कहा कि, "तुम मेरे पास आओ तो मैं तुम्हें माफ कर दूँगा, नहीं तो जंगल में सबको बता दूँगा कि तुमने नदी का पानी गन्दा किया है और सारे जानवर तुम्हें मारेंगे।"
शेर की बात सुनकर
बकरी ने समझदारी और निडरता से जवाब दिया कि, "पानी शेर की तरफ से उसकी ओर बह रहा है, इसलिए वह उसे गन्दा नहीं कर सकती।" उसकी सटीक तर्कबुद्धि और निडरता देखकर शेर हैरान रह गया क्योंकि वह कमजोर था और बकरी को भागकर पकड़ नहीं सकता था। उसने बकरी को नुकसान पहुँचाए बिना जाने दिया। अब वह किसी को परेशान न कर एक जगह बैठा रहता, जब कोई अचानक वहाँ उसके पास से होकर गुजरता या रुकता तो वह उसका शिकार कर अपनी भूख मिटाता था।
#संस्कार_सन्देश -
मुसीबत के समय घबराने के बजाय समझदारी और साहस से काम लेने पर बड़ी से बड़ी विपत्ति को भी टाला जा सकता है।
कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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