157/2026, बाल कहानी- 09 सितम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 157/2026
*09 सितम्बर 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी - #बदलाव_के_सुर_में_लय
---------------------
चिंटू की नई दुल्हन ब्याह के बाद मुँह-अँधेरे लोटा लेकर खेत की ओर जाती। मटासी मिट्टी में उसके कोमल पैर धंसते, पायल के घुँघरू टूट जाते।
कच्ची मुंडेर पर बैठी चुनचुन चिड़िया यह देख उदास रहने लगी।
दाने देने आई पढ़ी-लिखी दुल्हन से वह बोली, "मुझसे तुम्हारा दु:ख देखा नहीं जाता। मेरे पास पंख हैं, तुम्हारे पास उड़ान। एक सन्देश लिख दो।"
नई दुल्हन ने मेंहदी रचे हाथों से लिखा- "महानुभाव! गाँव में बदलाव आया है। शासन की योजना से जरूरतमन्द को 35 किलो चावल, चना नमक मिल रहा है। उज्ज्वला योजना जीवन का आधार बनी है।
घर-घर शौचालय से करोड़ों लोग लाभान्वित हुए हैं, पर हमारे वार्ड में यह लाभ अब भी अपूर्ण है। इसे पूर्ण करने की कृपा करें।"
चुनचुन चिड़िया वह सन्देश लेकर जिला प्रशासन तक उड़ गई। जिले से जनपद और पंचायत को समाधान का 'डिजिटल सन्देश' गया।
आज पक्की छत के मुंडेर पर चुनचुन खुश होकर दाने खाती है और नई दुल्हन बदलाव के सुर में लय भरती कहती है-, "जब तक अच्छी सरकार हैं तो असम्भव भी सम्भव है।"
#संस्कार_सन्देश -
समय के बदलाव बहुत जरुरी है, अन्यथा हम पिछड़कर रह जायेंगे और दु:खी रहेंगे।
कहानीकार-
#अमितारवि_दुबे (पूर्व प्रा०)
सुखराम नागे शा० महाविद्यालय
जनपद- छिपली, जिला- धमतरी (छत्तीसगढ़)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
Comments
Post a Comment