159/2026, बाल कहानी- 11 सितम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 159/2026
*11 सितम्बर 2026 (शुक्रवार)*
#बाल_कहानी - #बारिश_में_बचाव
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रात्रि-भर तेज बारिश हुई थी। सुबह बारिश रुक गई तो सभी बच्चे विद्यालय जाने की तैयारी करने लगे। स्नान और नाश्ते के बाद वे अपने-अपने विद्यालय के लिए निकल पड़े।
सुरेश स्वभाव से बहुत चंचल और हँसमुख था। वह उछलता-कूदता हुआ विद्यालय जा रहा था। बारिश के कारण रास्ते में जगह -जगह कीचड़ और पानी भरा हुआ था। चलते-चलते वह बारिश के खम्भे के पास पहुँच गया और खेल-खेल में खम्भे को छू लिया।
खम्भा छूते ही सुरेश करंट की चपेट में आ गया और खम्भे से चिपक गया। उसका दोस्त राजू यह देखकर घबरा गया। वह सुरेश को बचाने के लिए दौड़ा और उसका हाथ पकड़ लिया। जैसे ही राजू ने उसको घसीटने की कोशिश की, वह भी करंट की चपेट में आ गया। उसी समय सामने रहने वाले जमशेद की नजर दोनों बच्चों पर पड़ी। उसने समझदारी से काम लिया। उसने लकड़ी के सूखे डंडे से पहले राजू को सुरेश से अलग किया। राजू दूर जाकर गिर पड़ा। उसके बाद उसने सुरेश को भी बिजली के खम्भे से अलग कर दिया। वह भी खम्बे से दूर जाकर गिरा।
दोनों बच्चों को तुरन्त गाँव वाले अस्पताल लेकर पहुँचे। वहाँ उनका उपचार हुआ। कुछ समय बाद जब उनकी तबियत ठीक हुई तो उन्हें घर ले जाया गया।
खम्भे से चिपकने के कारण सुरेश के शरीर में काफी कमजोरी आ गई थी और उसको हल्की चोटें भी आई थीं।
डॉक्टर ने उसे कुछ दिनों तक आराम करने की सलाह दी।
इस घटना के बाद सुरेश और राजू को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने प्राण लिया कि बारिश की मौसम में वे बिजली के खम्भों, बिजली के तारों और अन्य उपकरणों से दूर रहेंगे।
#संस्कार_सन्देश -
बारिश के समय बिजली के खम्भे, टूटे तार और अन्य उपकरण बहुत खतरनाक हो सकते हैं, इनसे दूर रहना चाहिए।
कहानीकार -
#रुखसार_परवीन (स०अ०)
उच्च प्रा० वि० गजपतिपुर
बहराइच (उत्तर प्रदेश)
✏️संकलन
टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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