151/2026, बाल कहानी- 01 सितम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 151/2026
*01 सितम्बर 2026 (मंगलवार)*
#बाल_कहानी - #अच्छे_संस्कार
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एक गाँव में मोहन नाम का एक छोटा लड़का रहता था। वह बहुत समझदार था और मोहन रोज नए अच्छे नित्य गुण यानी अच्छी आदतें सीखता था। वह अपने गाँव के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा सात का छात्र था। मोहन रोज सुबह जल्दी उठता, अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लेता और मन लगाकर पढ़ाई करता। वह हमेशा सच बोलता और गाँव के बड़े-बुजुर्गों की मदद करता था। उसकी सबसे अच्छी आदत यह थी कि वह हर किसी से मीठी भाषा में बात करता था और कभी किसी पर गुस्सा नहीं होता था।
उसके इस मृदुल स्वभाव के कारण सभी लोगों से खुश रहते थे। पर उसकी ही कक्षा के कुछ बच्चे उससे नफरत करते थे। उनका मानना था कि मोहन अच्छा बनने का ढोंग करता है।
कक्षा में एक दिन मोहन लंच करने बैठा था। उसने देखा कि एक बच्चे का टिफिन धोखे से गिर गया है। मोहन बिना देरी किए उस बच्चे के पास गया और उसे बड़े प्यार से अपना भोजन दिया।
दोनों ने साथ-साथ भोजन किया यह देख कक्षा के सारे बच्चे उसके स्वभाव से परिचित हुए अपने विनम्र स्वभाव के कारण मोहन सभी का प्रिय हो गया।
एक दिन उसकी पाठशाला में 'सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी' का पुरस्कार देना तय हुआ। जब गुरुजी ने मोहन का नाम लिया, तो सभी ने खुशी से तालियाँ बजायीं। गुरुजी ने कहा, "मोहन केवल पढ़ाई में ही आगे नहीं है, बल्कि इसके दैनिक विचार और आचरण भी बहुत उत्तम हैं। यही सच्चे गुण एक साधारण बच्चे को महान बनाते हैं।"
मोहन की इस सफलता से विद्यालय और गाँव केअन्य बच्चों ने भी अच्छी आदतें अपनाने का संकल्प लिया।

#संस्कार_सन्देश-
प्रतिदिन अच्छे गुणों और आदतों का पालन करने से व्यक्ति को जीवन में सम्मान और सफलता अवश्य मिलती है।

कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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