७५२~ अनमोल रत्न अर्चना पांडेय (सहायक अध्यापिका) पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय भौली (1-8), ब्लॉक- जरवल, जनपद- बहराइच, राज्य- उत्तर प्रदेश

 🏅#अनमोल_रत्न- 2026🏅

मित्रों आज हम आपका परिचय मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से जनपद बहराइच के पीएमश्री उ०प्रा० विद्यालय भौली की शिक्षिका बहन अर्चना पांडेय जी से करा रहे हैं जिन्होंने अपनी सकारात्मक सोच और समर्पित व्यवहार कुशलता से अपने विद्यालय को सामाजिक विश्वास का केन्द्र बनाने के साथ ही गांव के सरकारी स्कूल के छात्रों की शैक्षिक उपलब्धि द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता आधारित शिक्षा के केंद्र के रूप में मान्यता स्थापित करने में योगदान दिया है। जो हम सभी के लिए प्रेरक और अनुकरणीय है।

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आपके द्वारा किए गये कुछ प्रेरक और अनुकरणीय कार्यों एवं विचार:

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती।

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।।

 


गांव वालों की नजर में मेरे विद्यालय की छवि औसत से भी कम स्तर की पढ़ाई की थी और सोच थी कि सरकारी स्कूल में नामांकन कराने से बिना पढ़ाई आठवीं की मार्कशीट आसानी से मिल जाती है। विद्यालय की समस्याओं को भली भाँति समझने के बाद मैंने उन पर कार्य करना प्रारम्भ कर दिया।



 

आइए जानते हैं परिचय के साथ कुछ प्रेरक एवं अनुकरणीय कार्य:- 

👉1- शिक्षक - अर्चना पांडेय (सहायक अध्यापिका)

👉 2- विद्यालय - पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय भौली (1-8), ब्लॉक- जरवल, जनपद- बहराइच, राज्य- उत्तर प्रदेश

👉3- शिक्षक के रूप में सेवा की शुरुआत का वर्ष : 2015

👉4- शिक्षक के रूप में आप द्वारा विद्यालय, बच्चों और समाज के बीच किए गये स्वैच्छिक स्वयंसेवी के रूप में प्रेरक, अनुकरणीय एवं सकारात्मक कार्यों का संक्षिप्त विवरण :


 

👉 विद्यालय में अभिभावकों से सम्पर्क कर छात्र नामांकन में वृद्धि हुई किंतु अगली समस्या थी छात्रों के दैनिक ठहराव की, इसके लिए गांव में शिक्षक अभिभावक बैठकों का आयोजन कर ग्रामवासियों को पढ़ाई का महत्व पर चर्चा की जिसके धीरे-धीरे सकारात्मक परिणाम मिलने प्रारम्भ हुए।

👉 विद्यालय परिसर में वृहद स्तर पर पौधरोपण कर डेढ़ दर्जन छायादार पौधे लगवाए। आज परिसर में भरपूर हरियाली है।

👉 विद्यालय के कार्यालय को आकर्षक रूप प्रदान किया गया।

👉सभी कक्षाओं में उनके अनुरूप आकर्षक और उपयोगी tlm की व्यवस्था की गई जिससे शिक्षण आसान और सरल बनाने में मदद मिली साथ ही बच्चों को भी सीखने में रूचि उत्पन्न करने में सहायता मिली।

👉 शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए खेल-खेल में शिक्षण, गतिविधि आधारित शिक्षण 💻 ICT तकनीक का प्रयोग किया।

👉बच्चों का 🍬🎂जन्मदिन मनाना।

👉समय-समय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन।

👉बच्चों के सांस्कृतिक विकास के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन विद्यालय में करना आरम्भ किया।

👉बच्चों को विभिन्न अवसरों पर 🎖🏆पुरस्कार देकर उनका मनोबल बढ़ाना प्रारम्भ किया जिससे बच्चों में सकारात्मक संदेश गया और बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करना प्रारम्भ कर दिया।





 

इन सभी प्रयासों का एक सकारात्मक परिणाम मिला कि जिस सरकारी विद्यालय में ग्राम वासी अपने बच्चों को पढ़ाना नहीं चाहते थे आज उनकी सोच बदली है और सभी की नजरों में विद्यालय एक आदर्श विद्यालय के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।

👉5- वर्तमान विद्यालय में आपके द्वारा किए जा रहे प्रेरक प्रयास।

प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में समूहगान के साथ हिन्दी, व अंग्रेजी में ईश वंदना, प्रतिदिन आज का सुविचार, सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी शब्द, रोचक तथ्य तथा विशेष दिवस की जानकारी, मिशन शिक्षण संवाद के द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली शैक्षिक सामग्री द्वारा कराया जाता है तथा व्यायाम का अभ्यास, राष्ट्रगान, स्वच्छता व गणवेश की जॉच आदि को नियमित रूप से लागू किया गया।

प्रत्येक शनिवार को बैगलेस डे, मीना मंच बैठक व बाल संसद बैठक, अलग-अलग विषयों पर आधारित विभिन्न सदनो की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आदि।

दीवारों पर सुन्दर पेंट व स्लोगन लिखाना, मीना मंच वॉल पेंटिंग व बाल अधिकार, राष्ट्र‌गान, मध्याह्न भोजन मीनू आदि का लेखन।

बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट के अन्तर्गत पुरानी बेकार सामग्री से सुन्दर वस्तुओं का निर्माण, बच्चों के साथ मिलकर विभिन्न विषयों की समझ हेतु विभिन्न चार्ट, मॉडल, बाल अखबार हेतु संकलन। पठन पाठन, समय सारिणी व पाठ्यक्रम के अनुसार।

छात्र-छात्राओं को ब्लॉक स्तर/जनपद स्तर पर विभिन्न शैक्षिक प्रतियोगिताओं की तैयारी करवाना।

स्वयं के लैपटॉप व मोबाइल द्वारा QR Code व स्मार्ट क्लास द्वारा ICT के माध्यम से छात्रों में विभिन्न विषयों की समझ बढ़ाना।

विद्यालय स्तर पर छात्र-छात्राओं के बीच क्विज, भाषण, सामान्य ज्ञान, चित्रकला, रंगोली आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन व पुरस्कार वितरण।

वार्षिकोत्सव, प्रवेशोत्सव व विदाई समारोह का आयोजन।

विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों यथा विज्ञान व गणित लैब तथा आईसीटी स्मार्ट क्लास द्वारा छात्रों की प्रायोगिक समझ को विकसित किया जाता है।




 

स्वयं के प्रयासों द्वारा हैंगिंग लाइब्रेरी (बाल पुस्तकालय) का निर्माण। विषयानुसार TLM निर्माण व सहायक सामग्री युक्त शिक्षण। स्वच्छता पखवाड़ा, Ρ. Τ. Μ., Μ. Τ. M. व S. M. C. की बैठक और अभिभावक सम्पर्क द्वारा अभिभावकों को जागरूक करने का प्रयास।

👉A- विद्यालय में नामांकन- (3 वर्ष का) वर्ष 2024-25 में 241, वर्ष 2025-26 में 247 वर्तमान शैक्षिक सत्र 2026-27 में 257

👉B- विद्यालय में विद्यार्थियों की वार्षिक उपस्थिति का प्रतिशत- लगभग 68%

👉C- विद्यालय में 100% उपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की औसत संख्या- 55

👉D- विद्यालय के बच्चों की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता।

गत तीन वर्ष में विद्यालय के शैक्षिक स्तर में अभूतपूर्व उन्नति/प्रगति हुई है। प्राइवेट विद्यालयों से छात्रों का हमारे विद्यालय में नामांकन हुए।

वर्ष 2024 में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में जनपद स्तर पर छात्रा का चयन। विद्यालय स्तर पर छात्रों द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन।

राष्ट्रीय आय व योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा के गत तीन वर्ष से क्रमश एक, तीन व चार चयन हुए।

सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत क्विज, कविता, पोस्टर प्रतियोगिताओं में ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन। / राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में उत्कृष्ट प्रदर्शन।

ब्लॉक स्तरीय श्रुतलेख प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र का चयन। राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय एक्सपोजर विजिट हेतु छात्रा का चयन। विभिन्न प्रोजेक्ट का निर्माण, एवं टीएलएम तथा विज्ञान प्रदर्शनी में प्रतिभाग।




 

👉E- खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सफलता। ब्लॉक व जिले स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में छात्रों के समूह में नाटक, व नृत्य कला में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर पुरस्कार अर्जित किये हैं।



 

👉6- शिक्षक के रूप में शोध, नवाचार आदि यदि कोई हो तो उसका संक्षिप्त विवरण: जनपद की शैक्षिक वीडियो निर्माण टीम 'दीक्षा' में तकनीकी व कंटेंट डेवलपमेंट सदस्य के रूप में शामिल। एससीआरटी द्वारा विभाग के पोर्टल पर अपलोड कीजे गये शैक्षिक वीडियो में दीक्षा बहराइच के वीडियो शामिल है। 

मैं इस स्थिति में विद्यालय को ले जाने के लिए हार्दिक आभारी हूँ अपने विद्यालय स्टाॅफ ( इंचार्ज अनिल सर, नरोत्तम सर, जसीम सर, संध्या मैम, शिक्षामित्र रामचंद्र सर व मनसुखलाल सर,) जिनके साथ हमने एक टीम की तरह मिलकर कार्य किया और निरन्तर प्रगति पथ पर अग्रसर है।

बस इसी संकल्प के साथ पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्त्तव्य पथ पर अग्रसर है कि - 

हम शिक्षक है हम शिक्षा की तस्वीर बदल देगें।

भारत के नन्हे मुन्नों की तकदीर बदल देगें।।

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👉7- संकलन कर्ता का नाम:

दीपक कुमार यादव, (सहायक अध्यापक)

प्रा०वि० मासाडीह, विकास खण्ड- महसी, बहराइच।

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