128/2026, बाल कहानी- 31 जुलाई
#दैनिक_नैतिक_प्रभात- 128/2026
31 जुलाई 2026 (शुक्रवार)
#बाल_कहानी- #सावन_का_सोमवार
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एक गाँव में कमलेश नाम का एक युवक रहता था। गाँव के कुछ लोग उसे कलुआ-कलुआ कहकर चिढ़ाते थे। कमलेश को इस बात पर बहुत गुस्सा आता था। एक दिन कमलेश गाँव में बैठा था। उसके पास ही गाँव की कुछ चाची-दादी आपस में बातें कर रही थीं।
वह कह रही थीं, "जीजी!सावन के महीने के सोमवार में भोलेनाथ से जो माँगो, सब मिल जाता है। दो दिन बाद सोमवार है।"
कमलेश ने जैसे ही सुना, उसने मन में ठाना कि वह भगवान भोलेनाथ के मन्दिर जाएगा। जैसे ही सोमवार का दिन आया। कमलेश तुरन्त तैयार होकर शहर के शिव मन्दिर गया और मन्दिर के पास मिल रही पूजा सामग्री बेलपत्र, धतूरा, दूध, फूल लेकर भोलेनाथ पर अर्पित करने के लिए अन्दर गया।
उसने भोलेनाथ को सभी सामग्री अर्पित की और उसने भोलेनाथ से कहा, "भोलेनाथ सभी लोग मुझे कलुआ-कलुआ कहकर चिढ़ाते हैं।" और भगवान मेरी नौकरी लगवा दो। पास में ही बैठे हुए पुजारी जी ने कहा, "बेटा! तुम जरा मेरी तरफ आओ।" क्या तुम जानते हो, "लोग तो कुछ भी कहते रहते हैं। तुम इस बात से क्यों परेशान हो? क्या तुम जानते हो वही लोग भगवान भोलेनाथ को भी कई नाम से बुलाते हैं। भगवान को कभी बुरा नहीं लगता है। इसलिए तुम इस बात का बिल्कुल बुरा मत मानो। दूसरी बात बेटा! भगवान के आशीर्वाद के साथ तुम्हें कर्म भी करना चाहिए, तभी हमें फल मिलता है। तुम कर्म करो! तुम जीवन में जरुर सफलता प्राप्त करोगे।" ऐसा कहकर पण्डित जी ने उसके सर पर हाथ फेरा। कमलेश को मानो अजीब-सा सुकून मिला हो लम्बे वक्त बाद भगवान के घर से आने के बाद। वह चल पड़ा कुछ करने के लिए दुनियाँ की बातें ना सुनने के लिए......
#संस्कार_सन्देश -
सावन के महीने में सोमवार का विशेष महत्व है। सच्चे मन से शंकर जी की पूजा करने से मनोकामना पूर्ण होती है।
कहानीकार-
#शालिनी (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय कूँड़
विकास क्षेत्र- करहल
जनपद- मैनपुरी (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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