104/2026, बाल कहानी- 03 जुलाई
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 104/2026
*03 जुलाई 2026 (शुक्रवार)*
#बाल_कहानी - #स्कूल_चलो_अभियान
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ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद आज सभी स्कूल आये। बहुत दिनों के बाद स्कूल का सूनापन जैसे दूर हो गया था। शान्त खड़े पेड़-पौधो आज बच्चों की किलकारियों के साथ झूमने लगे थे। प्रधानाध्यापक सहित सभी अध्यापकों ने सभी बच्चों को तिलक लगाकर स्वागत किया। बच्चों के स्वागत के लिए स्कूल में आज खीर-पूड़ी, सब्जी के साथ मिष्ठान की भी व्यवस्था की गई थी। बच्चे खाकर बहुत खुश हुए। गाँव में स्कूल चलों अभियान की रैली नारों के साथ निकाली गई, जिसे देखने के लिए सभी अभिभावक अपने-अपने घरों से निकलकर बाहर आ गये। यह देखकर अभिभावक बहुत खुश हुए।
दूसरे दिन स्कूल में शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें प्रधानाध्यापक ने सभी अभिभावकों और बच्चों को शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा, "हमें अपने बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजना होगा। बच्चे भविष्य की धरोहर हैं, उन्हें हमको सँभालना होगा, तभी समाज और देश को उनका लाभ होगा। आप रोज इन्हें स्कूल भेजें। यहाँ आने पर उनको पढ़ाने की जिम्मेदारी हमारी है। यहाँ खेल-कूद, गतिविधियों, निबन्ध व भाषा तथा कला लेखन की गतिविधियाँ करायी जाती हैं। यहाँ विभिन्न घन्टों में सभी विषयों की क्रम से पढ़ाई की जाती है। कक्षा कार्य के साथ उन्हें ग्रह कार्य भी दिया जाता है। रोज सुलेख लेखन भी कराया जाता है, जिससे उनकी लेखन गति तीव्र और अच्छी होती है। साथ ही उन्हें समय पर आने वाले त्योहारों और विभिन्न महापुरुषों की जानकरी देकर उनके व्यक्तित्व को निखारा जाता है। उन्हें नैतिक शिक्षा भी पढ़ाई जाती है और विभिन्न प्रकार के अभ्यास कार्य कराकर उनमें आत्मविश्वास की भावना विकसित कर उनकी बुद्धि को निखारा जाता है।"
प्रधानाध्यापक की बात सुनकर सभी अभिभावकों ने तालियाँ बजायीं और अपने बच्चों को रोज स्कूल भेजने का आश्वासन दिया। अन्त में सभी को नाश्ता और मिष्ठान दिया गया।
#संस्कार_सन्देश -
हमें अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजना चाहिए ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
कहानीकार-
#जुगल_किशोर_त्रिपाठी
प्रा० वि० बम्हौरी (कम्पोजिट)
मऊरानीपुर, झाँसी (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝#मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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