123/2026, बाल कहानी- 25 जुलाई

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 123/2026
*25 जुलाई 2025 (शनिवार)*
#बाल_कहानी - #बगुला_और_कौआ
---------------------

एक गाँव में एक खेत के पास पेड़ था। पेड़ के ऊपर एक बगुला रहता था। एक दिन एक कौवा कहीं से आया और उसी पेड़ के ऊपर रहने लगा। कौवे ने उसे बगुले से बात करने की कोशिश की लेकिन बगुले को अपने सफेद होने का बहुत घमण्ड था। उसने कौवे से कहा, "मैं सिर्फ अपने जैसे सफेद बगुलों से और अन्य पक्षियों से ही मित्रता करता हूँ।"
हर रोज बगुला पेड़ के आस-पास के खेतों में कीड़े-मकोड़े खाने जाता था। कौवा इधर-उधर डाल पर बैठा अपने भोजन की तलाश करता रहता था। 
एक दिन कौवा पेड़ की डाल पर बैठा था। बारिश का मौसम था। खेत की जुताई हो रही थी। बगुले ने सोचा, "यही अच्छा मौका है। बहुत सारे कीड़े-मकोड़े निकल रहे हैं। चलो, खाने चलता हूँ।"
बगुला खेत में चला गया और कीड़े खाने लगा। अचानक बगुले का सन्तुलन बिगड़ गया और खेत की गीली मिट्टी से बगुला पूरी तरह गन्दा हो गया। बगुला किसी भी प्रकार से पहचान में नहीं आ रहा था। अचानक पास में घूम रहे कुत्ते की नजर बगुले पर पड़ गई और वह तेजी से भाग कर उसको खाने के लिए दौड़ पड़े। 
कुत्ते को भागता देखकर कौवे की नजर बगुले पर गई। वह तुरन्त ऊपर से उड़कर आया और चोंच मारकर कुत्ते को भगाने लगा। चोंच के प्रहार से कुत्ता डरकर भाग गया। कौवे ने बगुले से कहा, "मैं तुम्हारी मदद करता हूँ।" खेत के पास ही एक गड्ढे में पानी भरा हुआ था। कौवे ने अपनी चोंच से बगुले के पैर को पकड़ा और पानी के पास पहुँचाया। बगुले ने पानी में अपने-आप को धोया। थोड़ी देर बाद वह सूख गया। बगुला आत्मग्लानि से भर गया। उसने कौवे से कहा, "मित्र! मुझे माफ कर दो। मैं अपने रंग से अन्धा हो गया था। मुझे तुम्हारे साथ इस तरीके से व्यवहार नहीं करना चाहिए था।"
कोवे ने कहा, "कोई बात नहीं मित्र! तुम ठीक हो, मैं खुश हूँ।"
जैसे ही यह बात बगुले ने सुनी, उसने तुरन्त कौवे से कहा, "आज से तुम मेरे मित्र हो।" और दोनों उड़कर पेड़ की डाल पर बैठ गए। कुछ देर बाद अँधेरा हो गया और दोनों इन्तजार करने लगे अगली सुबह का ताकि दोनों साथ-साथ नई दोस्ती की शुरुआत कर सकें।

#संस्कार_सन्देश -
हमें अपने रूप पर कभी घमण्ड नहीं करना चाहिए।

कहानीकार-
#शालिनी (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय- कूँड़
विकासखण्ड- करहल
जनपद- मैनपुरी (उ०प्र०)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

Comments

Total Pageviews