120/2026, बाल कहानी- 22 जुलाई
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 120/2026
*22 जुलाई 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी - #करनी_का_फल
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एक घने जंगल में एक छोटा-सा तालाब था। उसमें ढेर सारे मेंढक रहते थे। उनमें सोनू नाम का मेंढक बहुत शरारती था। वह अक्सर दूसरों को परेशान करता था। वह बड़ों की बात भी नहीं मानता था और अपनी मनमानी करता था। गर्मियों का मौसम था और तालाब का पानी धीरे-धीरे सूखने लगा।
सभी मेढकों ने सभा लगायी और कहीं और जाने की सोची। सभी ने सहमति से दूसरे स्थान पर जाने की बात स्वीकार की। सभी मेंढक बारी-बारी से तालाब से बाहर आये और पानी की तलाश में आगे बढ़ने लगे।
तभी सोनू को एक कुआँ दिखा सोनू ने सभी से उस कुएँ में छलाँग लगाने को कहा! तुरन्त ही उनके मुखिया ने उन्हें समझाया कि कुएँ का पानी भी गर्मी के कारण सूख जाएगा और कुआँ अत्यधिक गहरा है। एक बार जो कुएँ में चला गया वह बाहर नहीं आ सकता। वह अपनी बात पूरी भी न कर पाए थे, तभी सोनू ने कुएँ मे छलाँग लगा दी।
सारे मेंढक उसे देखने लगे लेकिन अब क्या हो सकता था? सोनू ने तो किसी की बात नहीं मानी थी और वह कुएँ में कूद गया। सभी मेंढक आगे निकल गये।
एक दो दिन में कुएँ का पानी सूख गया। सोनू ने बाहर निकलने की बहुत कोशिश की लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह नहीं निकल सका। अब उसे अपनी गलती का एहसास हो रहा था। वह समझ गया था कि उसे बड़ों की बात माननी चाहिए। उसे अपनी करने का फल मिल गया। धीरे-धीरे भूख प्यास और गर्मी से वह मर गया।
#संस्कार_सन्देश -
हमें सदैव अपने से बड़ों की बात माननी चाहिए और बिना सोच-विचारे कोई भी काम नहीं करना चाहिए।
कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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