चैत्र नववर्ष की शुभकामनाएँ

इस नववर्ष है माँ से प्रार्थना

जीवन बने जैसे साधना।

शैलपुत्री माँ सी दृढ़ता

और हृदय हो मृदु सरल।

ब्रह्मचारिणी के तप सा

मेहनत से मिल जाता फल।

चंद्रघंटा माँ का साहस

जीवन करता घाट बनारस।

कूष्मांडा सृजन की देवी

देती सीख अलग नए की।

स्कंदमाता ममता की देवी

मन में सबके करुणा बोती।

कात्यायनी भर दे जो जोश

बुराइयों के प्रति होता रोष।

कालरात्रि निर्भय वर देकर

जीवन में भरती ऊर्जा स्वर।

महागौरी माँ सी रहे शुद्धता

तन मन में लाती पावनता।

सिद्धिदात्री की बरसे कृपा

हर कदम फिर मिले सफलता।


रचयिता

डॉ0 निशा मौर्या, 

सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मीरजहांपुर,
विकास खण्ड-कौड़िहार-1,
जनपद-प्रयागराज।

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