55/2026, बाल कहानी- 01 अप्रैल
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 55/2026
*01 अप्रैल 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी- #बरगद_की_सीख
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एक सुन्दर उपवन में चिंटू नाम का एक खरगोश रहता था। वह बहुत चंचल था, लेकिन एक बुरी आदत थी, वह किसी की बात पूरी नहीं सुनता था।
एक दिन जंगल के सबसे अनुभवी बूढ़े बरगद दादा ने सभी जानवरों को बुलाकर कहा, "बच्चों! कल भारी वर्षा होने वाली है, इसलिए अपनी गुफाओं को ऊँचे स्थानों पर बना लो और खाने का सामान जमा करलो।"
सभी जानवरों ने बरगद दादा की बात मानकर तैयारी शुरू कर दी, लेकिन चिंटू खरगोश ने उनकी बात अनसुनी कर दी और मन ही मन बोला, "अभी तो धूप खिली है, ये सब बेकार की बातें हैं।" वह खेलता रहा और सो गया।
रात को अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। चिंटू का घर नीचे गड्ढे में था, जहाँ पानी भरने लगा। वह घबराकर इधर-उधर भागने लगा, पर चारों ओर पानी ही पानी था। अन्त में एक गिलहरी मित्र ने उसे अपने ऊँचे घर में जगह दी, तब जाकर उसकी जान बची।
अगले दिन चिंटू को अहसास हुआ कि उसने बरगद दादा की बात न मानकर कितनी बड़ी गलती की थी। उसने कान पकड़कर कसम खाई कि वह अब से बड़ों की और ज्ञान की बातों को कभी अनसुना नहीं करेगा।
#संस्कार_सन्देश -
ज्ञान की बातें सुनने में भले ही साधारण लगें, पर वे हमें बड़ी मुश्किलों से बचाती हैं।
कहानीकार -
#नरेन्द्र_नाथ_पटेल (स०अ०)
कम्पोजिट विद्यालय सुरहन, भदोही, उत्तर प्रदेश
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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