नारी शक्ति
तुम उड़ो बुलंद आसमानों में
पर सशक्त रहो संस्कारों में।
गार्गी सी बुद्धिमान बनो
विद्योतमा सी गुणवान रहो।
माँ सीता सा हो धैर्य हृदय में
सावित्री सा विश्वास रहे।
मीरा जैसा अनुराग रहे
संग में सेवा और त्याग रहे।
लक्ष्मीबाई सा साहस हो
जीवन हर पल उल्लास बने।
प्रतिभा पाटिल सी आभा हो
इंदिरा सा जिगर फौलाद रहे।
खेलों में भी चमको इतना
भारत तुमसे गुलजार रहे।
किरण बेदी सा रखो हौसला
सत्य पर अडिग विश्वास रहे।
न्याय,अनुशासन और सेवा से
भरा जीवन का हर भाग रहे।
कल्पना चावला सा स्वप्न लिए
आकाश को भी तुम छू आना।
सुनीता विलियम्स की तरह
अंतरिक्ष में भी झंडा फहराना।
फिर बनो उजाला जगत का
मानवता का उद्धार करो।
नारी शक्ति की बनो मिसाल
तुम खुद ही अपनी ढाल बनो।
रचयिता
डॉ0 निशा मौर्या,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मीरजहांपुर,
विकास खण्ड-कौड़िहार-1,
जनपद-प्रयागराज।

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