43/2026, बाल कहानी- 13 मार्च

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 43/2026
*13 मार्च 2026 (शुक्रवार)*
#बाल_कहानी - #संगति_का_असर
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आज से बहुत साल पहले की बात है, गुड्डू और दीपू प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे। दीपू का मन पढ़ाई में नहीं लगता था। वह रोज खाने की छुट्टी होने पर विद्यालय की खिड़की से भाग जाता था। वह पढ़ाई-लिखाई में भी ध्यान नहीं देता था। 
एक दिन गुरूजी ने सभी बच्चों को पहाड़ा याद करके आने को कहा। गुड्डू को पहाड़ा याद नहीं था। वह विद्यालय तो गया था, पर विद्यालय में उसका मन नहीं था। वह कक्षा में चुप बैठा था, तभी अचानक दीपू आया और बोला, "पहाड़ा याद नहीं है तो मेरे साथ भाग जाना, मैं रोज ऐसा करता हूँ।" गुड्डू को उस समय वही सूझा। इस तरह गुड्डू दीपू के साथ रोज खाने की छुट्टी में स्कूल से भाग जाता था। 
एक दिन गुरूजी को पता चला कि दीपू और गुड्डू रोज ऐसा करते हैं। उन्होंने सबसे पहले उनके माता-पिता को बुलाया और उन्हें इस तरह से नहीं करने के लिए समझाने को कहा। गुड्डू की माँ ने गुड्डू को उस दिन बहुत मारा था और समझाया कि, "दोबारा ऐसा करने पर और ज्यादा मारेगी।" गुड्डू की माँ ने गुड्डू से स्कूल से नहीं भागने की शपथ ली। गुड्डू ने अपनी माँ को उस दिन वचन दिया और "नहीं भागूँगा" बोला। फिर वह रोज स्कूल जाने लगा। 
एक दिन स्कूल में उसकी भेंट सबसे होशियार लड़का गंगा से हुई। वह प्रतिदिन स्कूल जाता था और वह गुरूजी के द्वारा दिए गए सभी गृहकार्य को पूरा करके आता था। गुड्डू, गंगा के साथ रहकर पढ़ाई करता था। वह कुछ प्रश्नों का हल नहीं जानता था। गंगा से पूछता था। इस तरह अब गुड्डू को सब कुछ समझ में आने लगा। गुड्डू अब खुद गुरूजी के द्वारा दिए गृहकार्य को पूरा करके आने लगा। गुरूजी उसके गृहकार्य को देखकर बहुत खुश होते थे और उसे शाबाशी देते थे। वह अपनी कक्षा में सबसे होशियार बच्चों की गिनती में आने लगा। गुड्डू अब बहुत होशियार हो गया था। 

#संस्कार_सन्देश -
संगति का असर कहीं न कहीं हमें पड़ता जरूर है इसलिए हमें संगति भी अच्छे इंसानों के साथ करनी चाहिए गलत लोगों के साथ रहने पर हम भी गलत हो सकते हैं अतः हमें सही लोगों के साथ रहना चाहिए।

कहानीकार-
#प्रेमलाल_किशन (स० शि०)
शा० प्रा०/मा० विद्यालय बुढ़नपुर 
संकुल केन्द्र गहरीनमुड़ा 
विकासखण्ड व जिला-सक्ती, छत्तीसगढ़ 

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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