41/2026, बाल कहानी- 11 मार्च
#दैनिक_नैतिक_प्रभात -
41/2026
*11 मार्च 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी - #समझदारी
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रोहन और सोहन घनिष्ठ मित्र थे। वे कक्षा चार में पढ़ते थे। दोनों के घर भी पास-पास थे इसलिए वे साथ-साथ ही स्कूल जाते थे और स्कूल से लौटकर शाम को घर के बाहर मित्रों के साथ खेलते थे।
रोहन और सोहन के परिवार में कोई ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था। रोहन के पिता दरजी थे और सोहन के पिता खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका दोनों ही परिवारों में आना-जाना था।
रोहन और सोहन के पिता बच्चों को नियमित विद्यालय भेजते थे। वे चाहते थे कि उनके बच्चे अच्छे शिक्षा प्राप्त करें।
रोज की तरह रोहन विद्यालय जाने के लिए निकला और सोहन को साथ लेकर विद्यालय पहुँचा। छुट्टी खत्म होने पर दोनों साथ-साथ ही घर वापस आ रहे थे। घर के बाहर आते ही पता नहीं, किसी बात पर उन दोनों में झगड़ा शुरू हो गया और दोनों आपस में लड़ने लगे। झगड़ा सुनकर रोहन की माँ घर के बाहर आयी और बिना कुछ जाने मुझे, सोहन के परिवार को भला-बुरा कहने लगे। देखते ही देखते बच्चों की लड़ाई में बड़े लोग भी शामिल हो गए और सभी लोग बढ़-चढ़कर एक-दूसरे को भला-बुरा कहने लगे।
सोहन के पिता तक जब यह बात पहुँची तो जल्दी से वह खेत से घर की ओर भागे और जब वह घर आये तो उन्होंने देखा कि झगड़ा बढ़ता ही जा रहा था उन्होंने तुरन्त झगड़े का कारण पूछा।
झगड़े का कारण जानकर वे अचम्भित हो गए क्योंकि जिन बच्चों के लिए घर वाले आपस में लड़ रहे थे। वह बच्चे तो गले में हाथ डालकर एक साथ खेल रहे थे। बच्चों का तो स्वभाव ही ऐसा होता है, वे पल में लड़ते हैं और पल में खेलते हैं। उन्होंने परिवार वालों को समझाया कि, "देखिए बच्चे आपस में किस तरह हिल-मिलकर खेल रहे हैं। हमें आपस में बच्चों के कारण झगड़ा नहीं करना चाहिए और समझदारी से काम लेना चाहिए।
सभी बहुत शर्मिन्दा हुए और उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने एक-दूसरे से माफी माँगी और कभी भी बच्चों के झगड़े में न पड़ने का निश्चय किया।
#संस्कार_सन्देश -
हमें बच्चों के कारण आपस में कभी झगड़ा नहीं करना चाहिए और समझदारी से काम लेना चाहिए।
कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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