52/2026, बाल कहानी- 25 मार्च
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 52/2026
*25 मार्च 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी - #कहानी_एक_आम_के_पेड़_की
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स्कूल की छुट्टी होते ही सभी बच्चे आम के पेड़ के नीचे खेलने पहुँच जाते। बच्चे पत्थर मारकर कभी उसके पत्तों को गिरा देते, तो कभी पेड़ पर चढ़कर उसकी टहनियों को तोड़ देते, कुछ बच्चे पेड़ के नीचे की जमीन को अपने नन्हे-नन्हे हाथों से साफ करके घरोंदे बनाते तो कुछ बच्चे गिप्पी खेलते, कुछ गोली-कंचे खेलते। यह सिलसिला पूरे साल चलता रहता। पेड़ में फल आने के समय तो बच्चों की शैतानी और भी बढ़ जाती। पत्थर मारकर फल गिरने की कोशिश पूरे दिन चलती रहती और जब आम पकने लगते तो बच्चे पके फल खाकर खूब खुश होते। लेकिन पेड़ पर पत्थर मार कर पत्तियाँ टहनी और फल गिरने का सिलसिला यूँ ही चलता रहता है। आम का पेड़ चुपचाप यह सब सहता रहता। यह सब देखते हुए नीम के पेड़ से नहीं रहा गया। उसने आम के पेड़ से कहा कि, "यह बच्चे तुम को पत्थर मार-मार कर तुम्हें चोट पहुँचाते हैं, फिर भी तुम इन्हें मीठे फल देते रहते हो... तुम्हें कष्ट नहीं होता..?"
यह सुनकर आम के पेड़ ने कहा कि, "तुम नहीं समझोगे..इन बच्चों को सुख देखकर मुझे इतनी खुशी मिलती है कि मैं अपनी चोट और पीड़ा भूल जाता हूँ..। जिस दिन यह बच्चे नहीं आते, मुझे बहुत सूना-सूना लगता है। मैं रोज उनके आने का इन्तजार करता हूँ और मैं अपने आप को धन्य समझता हूँ कि इन बच्चों को थोड़ी खुशी दे पाता हूँ। याद रखना जो सुख देने में है, वह पाने में नहीं.. किसी को खुशी देने से जो सुख और सन्तोष मिलता है, वह अनमोल होता है।" यह सुनकर नीम का पेड़ चुप हो गया।
#संस्कार_सन्देश -
हम वास्तव में तभी सुखी होते हैं, जब हममें दूसरों से कुछ लेने का भाव न हो, बल्कि देने का भाव हो।
कहानीकार-
#जमीला_खातून (से०नि०प्र०अ०)
प्रा० पा० गढ़धुरिया गंज
नगर क्षेत्र व ब्लाॅक- मऊरानीपुर
जिला- झाँसी (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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