पुस्तक से दोस्ती
आओ हम सब पुस्तकों से कर लें दोस्ती,
यही हमारे जीवन को सार्थक है बना देती।।
तुलसी, वाल्मीकि, व्यास आदि कवियों ने की थी बंदगी,
रामायण, महाभारत आदि पुस्तकों से बना ली अपनी जिंदगी।।
हर मंजिल तक पहुँचाती है हमें, हमारी पुस्तकों से दोस्ती,
हर जिज्ञासु के मन में इसको पाने की चाह है जगाती।।
दुनिया की हर जानकारी पुस्तकों में ही है मिलती,
अक्सर कुछ नया करने की हिम्मत है यह देती।।
बच्चा, बूढ़ा, अमीर, गरीब नहीं है ये देखती,
इन सभी की राह आसान है ये बना देती।।
सरस्वती का ज्ञान हमें ये करा देती,
भटके हुये को सही राह ये दिखा देती।।
आओ हम सब पुस्तकों से कर लें दोस्ती।।
रचयिता
साधना,
प्रधानाध्यापक
कंपोजिट स्कूल ढोढ़िया ही,
विकास खण्ड-तेलियानी,
जनपद-फतेहपुर।
यही हमारे जीवन को सार्थक है बना देती।।
तुलसी, वाल्मीकि, व्यास आदि कवियों ने की थी बंदगी,
रामायण, महाभारत आदि पुस्तकों से बना ली अपनी जिंदगी।।
हर मंजिल तक पहुँचाती है हमें, हमारी पुस्तकों से दोस्ती,
हर जिज्ञासु के मन में इसको पाने की चाह है जगाती।।
दुनिया की हर जानकारी पुस्तकों में ही है मिलती,
अक्सर कुछ नया करने की हिम्मत है यह देती।।
बच्चा, बूढ़ा, अमीर, गरीब नहीं है ये देखती,
इन सभी की राह आसान है ये बना देती।।
सरस्वती का ज्ञान हमें ये करा देती,
भटके हुये को सही राह ये दिखा देती।।
आओ हम सब पुस्तकों से कर लें दोस्ती।।
रचयिता
साधना,
प्रधानाध्यापक
कंपोजिट स्कूल ढोढ़िया ही,
विकास खण्ड-तेलियानी,
जनपद-फतेहपुर।

👌👌
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