पुस्तक

पुस्तकें
दर्पण समय का,
   होती ये पुस्तकें।
हर पल इतिहास की,
    गवाह ये पुस्तकें।
अंधेरे में उजाला,
      होती ये पुस्तकें।
निराशा में आशा,
    दिलाती ये पुस्तकें।
सुख दुख की,
    साथी ये पुस्तकें।
प्रकृति का सौंदर्य,
     सजाती ये पुस्तकें।
मधुर संगीत,
    गुनगुनाती ये पुस्तकें।
उत्थान पतन के,
    किस्से सुनाती ये पुस्तकें।
जीने के ढंग,
    सिखाती ये पुस्तकें।
नारी गौरव,
     गाती ये पुस्तकें।
महापुरुषों की गाथा,
     सुनाती ये पुस्तकें।
इतिहास के पन्नों,
    को पलटती ये पुस्तकें।
आनन्द परमानन्द तक,
      ले जाती ये पुस्तकें।
अंतःकरण को उज्ज्वल,
        करती ये पुस्तकें।
लोक परलोक की,
      शिक्षा देती ये पुस्तकें।
गद्य और पद्य में,
         समाहित ये पुस्तकें।
 खुले आसमान सी,
      अनन्त ये पुस्तकें।
पन्नों पर लिखी,
          जाती ये पुस्तकें।
दर्पण समय की,
        होती ये पुस्तकें।।

रचयिता
सन्नू नेगी,
सहायक अध्यापक,
राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय सिदोली,
विकास खण्ड-कर्णप्रयाग, 
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।

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