ज्ञान की खान....किताबें

ज्ञान की ये खान हैं, किताबें बड़ी महान हैं।
संतों की वाणी है इनमें, शिक्षा बड़ी ही महान है॥

ज्ञान की ये खान हैं ............

जिज्ञासु के प्रश्नों का जवाब इनमें,
कुछ नया कर जाने का ख्वाब इनमें,
लफ्जों से भरी फिर भी खामोश रहती हैं,
खामोश रहकर भी ये बहुत कुछ कहती हैं,
हर पल नया सिखाना, इनकी अलग ही तान है।

ज्ञान की ये खान हैं ............

गर किताबें न हों, हम रह जाएँगे अधूरे,
अनगिनत हैं अरमान, जो न हो सकेंगें पूरे,
ये ही ज्ञान, मनोरंजन, अनुभव की बातें बताती,
आखिर ये किताबें यूँही नहीं पूजी जाती,
सच है ये ही हमारी सच्ची दोस्त ये ही हमारी जान हैं।

ज्ञान की ये खान हैं ............

ज्ञान की ये खान हैं, किताबें बड़ी महान हैं।
संतों की वाणी है इनमें, इनका बड़ा ही महान है॥

ज्ञान की ये खान हैं ............

रचयिता 
गीता यादव,
प्रधानाध्यपिका,
प्राथमिक विद्यालय मुरारपुर,
विकास खण्ड-देवमई,
जनपद-फतेहपुर।

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