विश्व पुस्तक दिवस
23 अप्रैल का दिवस चुना है
पुस्तक दिवस मनाने का।
शुरुआत हुई 2001 से
स्वाध्याय अपनाने का।।
अर्थपूर्ण जीवन का अनुभव
पुस्तक पर सहेजा जाए।
आनेवाला कल सुन्दर हो
ज्ञान सदा ही बटोरा जाए।।
अधूरे कार्य पूर्ण करने को
पुस्तक अति आवश्यक है।
अनुसंधान, अनुभव के खातिर
पढ़ना अति आवश्यक है।।
ज्ञानवान, संस्कारित जीवन
चरित्रवान जो बनना है।
पुस्तक को अपनाओ प्राणी
शीलवान जो बनना है।।
अस्तित्व नहीं मिटता पुस्तक का
दिन कितने ही बीत जाए।
सच्ची हितैषी होती जन की
प्रेरक बनकर राह दिखाये।।
संस्कृति संजोती पुस्तक ही
महाभारत हो या रामायण।
हर काल का यह निर्णय करती
बीत जाएँ चाहे कई अयण।।
शेक्सपीयर की पुण्य तिथि
पर उत्सव यह मनाते हैं।
भारत की भावी पीढ़ी को
नई दिशा दिखलाते हैं।।
पुस्तक दिवस मनाने का।
शुरुआत हुई 2001 से
स्वाध्याय अपनाने का।।
अर्थपूर्ण जीवन का अनुभव
पुस्तक पर सहेजा जाए।
आनेवाला कल सुन्दर हो
ज्ञान सदा ही बटोरा जाए।।
अधूरे कार्य पूर्ण करने को
पुस्तक अति आवश्यक है।
अनुसंधान, अनुभव के खातिर
पढ़ना अति आवश्यक है।।
ज्ञानवान, संस्कारित जीवन
चरित्रवान जो बनना है।
पुस्तक को अपनाओ प्राणी
शीलवान जो बनना है।।
अस्तित्व नहीं मिटता पुस्तक का
दिन कितने ही बीत जाए।
सच्ची हितैषी होती जन की
प्रेरक बनकर राह दिखाये।।
संस्कृति संजोती पुस्तक ही
महाभारत हो या रामायण।
हर काल का यह निर्णय करती
बीत जाएँ चाहे कई अयण।।
शेक्सपीयर की पुण्य तिथि
पर उत्सव यह मनाते हैं।
भारत की भावी पीढ़ी को
नई दिशा दिखलाते हैं।।

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