महिला सशक्तीकरण 216, गुलफ्शां, फतेहपुर
*👩👩👧👧महिला सशक्तीकरण विशेषांक-216*
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*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*
(दिनाँक- 23 अप्रैल 2020)
नाम- गुलफ्शां
पद - सहायक अध्यापक
विद्यालय-प्रा०वि० केवटरा बेंता, देवमई, फतेहपुर
*सफलता एवं संघर्ष की कहानी :-*
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💁🏻♀️ मेरा नाम *गुलफ्शां* है मेरी ज्वाइनिंग 10 सितंबर 2018 को सहायक अध्यापक पद पर *प्रा०वि० केवटरा बेंता* शिक्षाक्षेत्र देवमई फतेहपुर में हुई।
*"मेरा शिक्षिका बनना मेरी ज़िन्दगी का सबसे बेहतरीन तोहफ़ा है।"*
इस सम्माननीय पद को प्राप्त करने के पश्चात् प्राप्त अनुभव मैं आप सभी से साझा कर रही हूं-
💁🏻♀️ *समस्याएं*
👉🏻विद्यालय में अतिक्रमण, गन्दगी, 76 बच्चों के लिए केवल दो कमरे
👉🏻शौचालय का कार्यरत न होना
👉🏻बच्चों का सफाई से न रहना
- बच्चों को अ आ एवम् ABC का ज्ञान न होना
👉🏻मेरी कक्षा में छोटे छोटे बच्चों का चिलम , मसाला आदि लेना
💁🏻♀️ मैंने बच्चों को खूब मेहनत से पढ़ाना शुरू किया। बच्चों के ग्रुप बनाए मॉनिटर बनाए बच्चों को प्रोत्साहित किया। मेरे बच्चों ने भी प्रोत्साहित होकर खूब पढ़ा। नशा करने वाले बच्चे मन से मेरी बातों को समझते हैं हिन्दी पढ़ना लिखना सीख रहे हैं।
ACR के लिए nprc आदि में रट लगा दी आज कायाकल्प के साथ मेरे विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो गया। अब मेरे बच्चे छोटे छोटे वर्ड्स की इंग्लिश अंत्याक्षरी खेलते हैं तो मुझे बहुत गर्व होता है।
*"मिशन शिक्षण संवाद"* की कुशल कार्यशैली एवम् मिशन के नवाचारी आदर्श के बारे में मैंने खूब सुना था। एक दिन बातों ही बातों में मेरी दोस्त रीनू पाल से मैंने इसमें जुड़ने की इच्छा जताई एवं गीता मैम ने मुझे इस परिवार में शामिल किया।
मिशन में टैलेंटेड नवाचारी शिक्षकों के tlm देख मुझे बच्चों को पढ़ाने के जादुई तरीकों के बारे में पता चलता है। मैंने मेरी सृजनात्मक्ता को tlm से जोड़ना शुरू कर दिया है आज मेरे फ़्री टाइम में मैंने tlm बनाना भी एड कर दिया है। जिससे मेरे बच्चे रुचि लेकर पढ़ते हैं और अपनी खुद की सृजनात्मकता का भी विकास कर रहे हैं।
💁🏻♀️ मैंने कभी नहीं सोचा था मैं कविताएं लिखूंगी पर मिशन के उत्साहवर्धन से मैं लिखने का प्रयास कर रही हूं आप सब से अच्छा फीडबैक मिल रहा है। मैं आनंदपूर्वक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर पा रही हूं।
मेरी क्षमताओं को पहचानने एवम् उत्साहवर्धन के लिए मैं हमेशा मिशन परिवार की आभारी रहूंगी।
*"अपने साथ ही लोगों के काम आना सीखें, ज़िन्दगी मिली है तो जिंदा रहकर जिएं।"*
शिक्षण कार्य को रुचि, खेल पद्धति एवम् बालकेंद्रित तरीक़े से पढ़ाने की प्रेरणा मुझे *"मिशन शिक्षण संवाद"* से मिली
_✏संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*
आप बेहतर सोचते हैं ,तभी बेहतर कर पाते हैं,आपकी मेहनत को नमन,बहुत बहुत शुभकामनाएं।।
ReplyDeleteVery good gulfsha ji
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