भारत छोड़ो आंदोलन

काकोरी कांड के 17 साल बाद हुआ आरंभ,

9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ।

गांधीजी के आवाह्न पर देश था संगठित,

भारत से ब्रिटिश साम्राज्य समाप्त करने को प्रारंभ।।


अगस्त क्रांति के नाम से इसे पुकारा जाता,

1942 की शाम मुंबई में प्रस्ताव बनाया जाता।

अंग्रेजो भारत छोड़ो नारा बनाया गया,

करो या मरो के साथ शुरू किया जाता।।


ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध जनता का था ऐलान,

भारत छोड़ो प्रस्ताव बना जन आंदोलन।

एक दिन पहले ही तैयार हुई रूपरेखा,

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के लिए बना काला दिन।।


गांधीजी को अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया,

अहमदनगर किले में नगर बंद कर लिया।

सामूहिक नागरिक अवज्ञा आंदोलन था चला,

गांधीजी की गिरफ्तारी से भी प्रभाव न था पड़ा।।


फिर भी रुका नहीं आंदोलन मिली इसे गति,

16 से 30 लोग घायल हुए 940 की हुई क्षति।

कई लोगों ने गिरफ्तारी देकर दिखाया आक्रोश,

जयप्रकाश नारायण, आसिफ अली ने दी फिर गति।।


रचयिता
नम्रता श्रीवास्तव,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बड़ेह स्योढ़ा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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