हाॅकी के जादूगर ध्यानचंद

खेलों का जीवन में बडा़ ही महत्व है, 

शरीर रहे चुस्त दुरूस्त बात बड़ी सत्य है,


हाॅकी का सितारा चमका है ओलम्पिक में, 

वर्षों बाद पदकों की झड़ी लगी भारत में,


देश है कृषि प्रधान अपितु खेलों में अव्वल है, 

नव जीवन बढ़ रहा और गाँवों में दंगल है,


ध्यानचन्द हाॅकी के जादूगर कहलाते हैं, 

हिटलर को भी हाॅकी का लोहा मनवाते हैं,


खेल रत्न बना अब दद्दा की आत्मा वर्षों है रोई, 

साधना में त्याग को जन जागरण बनकर बोई,


रचयिता

रीता गुप्ता,

सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलेक्टर पुरवा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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