६९६~ अनमोल रत्न सुधीर कोहली रा०प्रा०वि० जखोना प्रथम ब्लॉक- भिलंगना, जनपद-टिहरी गढ़वाल, राज्य- उत्तराखण्ड

 🏅#अनमोल_रत्न शिक्षक सम्मान-2025 हेतु 🏅

"अच्छाई के बीज बोने से ही तो अच्छाई की फसल मिलती है" 

👉1- शिक्षक- सुधीर कोहली (सहायक अध्यापक) 

👉2- विद्यालय- रा०प्रा०वि० जखोना प्रथम

    ब्लॉक- भिलंगना, जनपद-टिहरी गढ़वाल, राज्य- उत्तराखण्ड


👉3- विद्यालय में नियुक्ति तिथि- 15/10/2014

👉4- विद्यालय का भौतिक परिवेश एवं भौतिक संसाधन- जनपद मुख्यालय से 150 कि०मी० दूर स्थित अति दुर्गम का विद्यालय है स्वयं एवम् विद्यालय प्रबंधन समिति के सहयोग से विद्यालय में भौतिक संसाधन बढ़ाये गये। 


✍️स्वयं के प्रयास –

मुझे सितम्बर 2022 में प्रभारी प्रधानाध्यापक का दायित्व मिलाI उस समय विद्यालय में बहुत कमियांँ थींI बच्चों के पास बैठने हेतु फर्नीचर तक नहीं था और न ही विद्यालय का अपना शौचालय था। विद्यालय साज-सज्जा के नाम पर कुछ नहीं थाI मेरे द्वारा सर्वप्रथम विद्यालय के भौतिक परिवेश को सुदृढ़ करने हेतु कार्य किया गया। शुरुआत में कक्षा-कक्षों की सजावट से किया गया। स्वयं कक्षा-कक्षों में रंग-रोगन कर उन्हें प्रिंट रिच से सजाया गया। विद्यालय में 2 कक्षा-कक्ष हैं जिनमें कक्षा- 1 और 2 को उनके स्तरानुसार सजाया गया है एवं कक्षा 4 और 5 को कक्षानुसार सजाया गया है। विद्यालय में टी०एल० एम० बनाये गये जिसके माध्यम से शिक्षण करवाया जाता है। विद्यालय में बहुत सुन्दर रीडिंग कार्नर बनाया गया है जिसमें बच्चों के स्तरानुसार किताबें लगायी गयी हैं। बच्चे रोज सुबह प्रार्थना सभा के बाद पढने की घंटी में स्वयं किताबें निकालकर पढ़ते हैं एवं जिम्मेदारी के साथ पुन: यथास्थान रख देते हैं, पुस्तकों के रखरखाव हेतु बाल पुस्तकालय समिति का गठन किया गया है। पूरे विद्यालय में विद्युतीकरण किया गया है। किचन गार्डन का निर्माण करवाया गया। सभी कक्षा-कक्षों में पंखे लगाये गये हैं। विद्यालय में असामाजिक तत्व गन्दगी एवं अराजकता फैलाते थे, उनकी निगरानी हेतु CCTV कैमरे लगाये गये हैं। प्रार्थना सभा के प्रभावी संचालन हेतु माइक, साउंड सिस्टम एवं प्रार्थना बुक की व्यवस्था करवाई गयी। बच्चों की प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी हेतु ऑनलाइन कक्षाएँ एवं अवकाश के दिवसों में अतिरिक्त समय दिया जाता हैl विभिन्न तकनीकी के द्वारा शिक्षण में ICT के द्वारा बेहतर शिक्षण हेतु बच्चों हेतु कम्प्यूटर शिक्षण, प्रोजेक्टर, LCD, VCR आदि का प्रयोग किया जाता है। स्वयं उपस्थिति बोर्ड के माध्यम से बच्चे स्वयं अपनी उपस्थिति लगाते हैं।

✍️समुदाय के प्रयास -

    विद्यालय के भौतिक परिवेश एवं संसाधन के विकास में विद्यालय प्रबंधन समिति का बहुत बड़ा सहयोग है। प्रत्येक माह बैठकों का आयोजन किया जाता है एवं विद्यालय कार्ययोजना एवं बेहतर शिक्षण पर विचार किया जाता है। विद्यालय प्रबंधन समिति के सहयोग से ही विद्यालय में बच्चों के बैठने हेतु फर्नीचर एवं शौचालय जैसे मूलभूत आवश्यकता पूर्ण हो पाई। विद्यालय में गेट नहीं था जो समुदाय के द्वारा गॉंव के ही न्यूजीलैण्ड प्रवासी श्री बच्ची राम डिमरी जी से बातचीत कर गेट निर्माण हेतु धनराशि अवमुक्त कर गेट निर्माण का करवाया गया। विद्यालय में पेयजल की सुविधा नहीं थी विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रस्ताव देकर प्रधान श्रीमती सुनीता देवी द्वारा वाटर कूलर विद्यालय में लगवाया गया, जिससे बच्चों को शुद्ध पेयजल के साथ शीतल जल भी मिल पा रहा है।  सभी ऐतिहासिक दिवसों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करवाया जाता है। विद्यालय में भौतिक संशाधनों की बहुत कमी थी, जिसमें फर्श निर्माण, सुरक्षा दीवार आदि विद्यालय प्रबंधन समिति, समुदाय एवं स्थानीय युवा नेता श्रीमान अनिल चौहान जी के सहयोग से माननीय विधायक घनसाली श्रीमान शक्ति लाल शाह जी एवं प्रमुख भिलंगना श्रीमती वसुमती घणाता को विद्यालय के बाल उलार एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया। बच्चों द्वारा सुन्दर सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारा सब का मन मोह लिया। माननीय विधायक जी द्वारा सुरक्षा दीवार एवं इण्टर लाॅक टाइल हेतु ₹300000 (तीन लाख रुपये) एवं माननीय प्रमुख द्वारा विद्यालय सौन्दर्यीकरण हेतु ₹200000 (दो लाख रुपये) देने की घोषणा की गयी। समुदाय के सहयोग हेतु किये गये प्रयासों हेतु विद्यालय को जिला स्तर पर सर्वश्रेष्ठ विद्यालय प्रबंधन समिति का द्वितीय पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति पत्र एवं 8000 रुपये प्रदान किये गये।

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👉5- विद्यालय में कुल शिक्षक/स्टॉफ- 2 शिक्षक

👉6- विद्यालय में नामांकन- 

वर्ष 2023-24 - 34

वर्ष 2024-25 – 28

वर्ष 2025-26 - 31

👉7- विद्यालय में उपस्थिति का प्रतिशत- 90 प्रतिशत

👉8- विद्यालय में 100% उपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की औसत संख्या- 20

👉9- खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की संख्या, वर्ष एवं विवरण- 






प्रतियोगिता का नाम- खेलकूद

🏅ब्लॉक स्तर- 2 छात्र 2022-23 अंकुश गुसाईं एवं  शिवानी भंडारी 

 7 छात्र 2023-24 लक्ष्मी, सौरभ, प्रियांशी, अनामिका, साक्षी, खुशबू, अंशिका

 9 छात्र  2024-25 अंशिका, अनामिका, प्रियांशी, खुशबू, मनीषा, स्वाति, प्रियांशु, अनिषा एवं राधिका

🏅जिला/जनपद स्तर- 1 छात्रा 

2022-23 शिवानी भंडारी।

1 छात्रा 2023-24 लक्ष्मी

4 छात्राएंँ 2024-25 अंशिका, अनामिका, प्रियांशी, खुशबू एवं मनीषा 

🏅राज्य स्तर -  

1 छात्रा 2022-23 शिवानी भंडारी 

1छात्रा 2023-24 लक्ष्मी 

2 छात्राएँ 2024-25 

अनामिका और प्रियांशी












👉10- प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल छात्रों की संख्या, वर्ष एवं विवरण-

2022-23 अंशिता नेगी जवाहर नवोदय विद्यालय, शिवानी सड़क सुरक्षा पेंटिंग में प्रथम, अंकुश गुंसाई मैथ्स विजार्ड ब्लाक में प्रथम, स्पेलिंग जीनियस ब्लॉक में प्रतिभाग, शिवानी भंडारी सपनों की उड़ान में चित्रकला में ब्लाक में प्रथम।

2023-24 अंकुश गुंसाई जवाहर नवोदय विद्यालय एवं राजीव नवोदय में चयन, निशा शाह, सुरेन्द्र व राकेश आवासीय विद्यालय में चयन

2024-25 लक्ष्मी गुसाईं विद्या ज्ञान परीक्षा में सफल, अंशिका गुसाईं सपनों की उड़ान जिला स्तर प्रथम, स्वाति कविता पाठ जिले में प्रथम

👉11- शिक्षक की व्यक्तिगत अनुकरणीय उपलब्धियाँ- (शोध, नवाचार, सम्मान आदि)

1- 5 सितम्बर 2022 को माननीय विधायक द्वारा सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान 

2. 11 नवम्बर २०२२ प्राचार्य डायट टिहरी द्वारा नवाचारी शिक्षक प्रसस्ति पत्र 

3.  4 दिसम्बर 2022  भीम पाठशाला शिक्षण संस्था चानी टिहरी द्वारा शिक्षक सम्मान मूमेंटो देकर सम्मानित्त

4. 14 नवम्बर 2023 को माननीय विधायक घनसाली एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी जी द्वारा सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान।

5.  4 जुलाई 2024 को SCERT देहरादून द्वारा निरीक्षण के बाद विकास खण्ड भिलंगना का पहला निपुण विद्यालय घोषित किया गया।

  6. 21 जुलाई 2024 को विद्यालय में बाल उलार एवं अभिभावक सम्मान समारोह (प्रतियोगिता परीक्षाओं में चयनित बच्चों के अभिभावक) का आयोजन मुख्य अतिथि विधायक घनसाली एवम विशिष्ट अतिथि प्रमुख घनसाली  का व्यापक आयोजन।

7- 13 दिसम्बर 2024 को निपुण विद्यालय के रूप में राज्य स्तर SCERT द्वारा श्रीमान शिक्षा सचिव रविनाथ रामन IAS एवं वंदना गर्ब्याल निदेशक अकादमिक शोध देहरादून द्वारा सम्मानित।

  8- 18 दिसम्बर 2024 से आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक सेमिनार प्रारम्भिक शिक्षा में प्रभावी शैक्षणिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत सेमिनार हेतु चयन।

9- अजीम प्रेमजी फाउंडेशन उत्तराखण्ड द्वारा मेरा नवाचारी लेख छपाया गयाl

10- 27 दिसम्बर 2024 निपुण विद्यालय राज्य स्तर पुरस्कार पाने पर SMC एवम अभिभावकों द्वारा निपुण उत्सव मनाकर  सम्मानित किया गया।

11- 25 दिसम्बर 2025 जिला स्तरीय TLM प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

12- 25 मार्च 2025 को अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन भिलंगना टिहरी द्वारा नवाचारी शिक्षक के रूप में माननीय नगर पंचायत घनसाली श्री आनन्द सिंह जी द्वारा शाल एवम ट्राफी देकर सम्मानित।


12- आपकी नजर में मिशन शिक्षण संवाद की शिक्षा के उत्थान, शिक्षक के सम्मान और मानवता के कल्याण में उपयोगिता- 

मिशन शिक्षण संवाद बच्चों के सर्वांगीय विकास में विशेष योगदान दे रहा है। बच्चे पठन-पाठन के साथ शारीरिक शिक्षा का ज्ञान भी ले पा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ सामान्य ज्ञान की जानकारियों से बच्चे लाभान्वित हो पा रहे हैं। किसी भी दिवस को मनाए जाने की विस्तृत पूर्ण जानकारी शिक्षण संवाद लेख से मिल जाती है। सुबह सबेरे शुभ सन्देश से दिन कि शुरुआत  के साथ दिन भर रोचक एवं महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिल पाती हैं।

मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से नई ऊर्जा एवं प्रेरणा का संचार होता है। मेरे लिए यह शिक्षण के क्षेत्र में अहम् प्लेटफार्म साबित हो रहा है।

👉13- अनमोल रत्न के रूप में शिक्षक समाज को आपका संदेश- 

समाज के सुधार एवं विकास में शिक्षक की भूमिका बहुत अहम् होती है। एक शिक्षक समाज का दर्पण होता है। शिक्षक, समाज को राह दिखाने वाले मार्गदर्शक होते हैं। माता-पिता तो सिर्फ बच्चों को जन्म देते हैं, उनका पालन पोषण करते हैं, अतः इनका स्थान कोई नहीं ले सकते, उनका कर्ज हम किसी भी रूप में नहीं उतार सकते, लेकिन एक शिक्षक ही है, जिसे भारतीय संस्कृति में माता-पिता के बराबर दर्जा दिया जाता है। शिक्षक का संबंध केवल शिक्षा का अक्षर ज्ञान देने से ही नहीं होता बल्कि वह अपने विद्यार्थी को हर मोड पर राह दिखाता है और आगे बढ़ने के लिए उसका हाथ थामने के लिए हमेशा तैयार रहता है। बच्चों के मन में उमड़ने वाले हर सवाल का जवाब देता है और सही सुझाव देकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए सदा प्रेरित करता है क्योंकि एक शिक्षक को समाज में सर्वश्रेष्ठ बुद्धिमान और ज्ञान का दीपक माना जाता है। मेरे व्यक्तिगत विचार से जो शिक्षक अपनी व्यक्तिगत भव-बाधाओं को दरकिनार कर पूर्ण मनोयोग से शिक्षण करते हैं वही सही मायने में समर्पित शिक्षक हैं।


👉14- साभार- डाॅ० माला ममगाईं (जिला संयोजक ) टिहरी गढ़वाल

👉15- संकलन कर्ता- डॉ० माला ममगाईं, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखण्ड।


सहयोग-माधव सिंह नेगी, टीम मिशन शिक्षण संवाद उत्तराखण्ड।

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