महावीर स्वामी
दिया संदेश शुद्ध विचारों का,
जन-जन उनका आभारी है।
मधुर वाणी शिष्ट व्यवहार ही,
सबके के लिए हितकारी है।।
जीवजगत की अनुपम महिमा,
मन से बात सभी ने स्वीकारी।
सेवा से बढ़कर नहीं कोई धर्म,
इसलिए हम उनके आज्ञाकारी।।
संस्कारों से बढ़कर कुछ नहीं,
हर घर में ये अलख जगानी है।
हर विपदा, महामारी को मिल,
इस भारत भू से दूर भगानी है।।
जन्म कल्याणक अवसर पर,
कर जोड़ मैं विनती करता हूँ।
मैं भगवान महावीर स्वामी की,
हृदय तल से वंदना करता हूँ।।
रचयिता
कालिका प्रसाद सेमवाल,
प्रवक्ता,
डायट-रतूड़ा,
जनपद-रुद्रप्रयाग,
उत्तराखण्ड।
जन-जन उनका आभारी है।
मधुर वाणी शिष्ट व्यवहार ही,
सबके के लिए हितकारी है।।
जीवजगत की अनुपम महिमा,
मन से बात सभी ने स्वीकारी।
सेवा से बढ़कर नहीं कोई धर्म,
इसलिए हम उनके आज्ञाकारी।।
संस्कारों से बढ़कर कुछ नहीं,
हर घर में ये अलख जगानी है।
हर विपदा, महामारी को मिल,
इस भारत भू से दूर भगानी है।।
जन्म कल्याणक अवसर पर,
कर जोड़ मैं विनती करता हूँ।
मैं भगवान महावीर स्वामी की,
हृदय तल से वंदना करता हूँ।।
रचयिता
कालिका प्रसाद सेमवाल,
प्रवक्ता,
डायट-रतूड़ा,
जनपद-रुद्रप्रयाग,
उत्तराखण्ड।

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