कहना बड़ों का मानो
ऐ भोले भाले बच्चों,
ऐ मेरे प्यारे बच्चों।
कहना बड़ों का मानो ...
माँ, बाप या गुरु का,
न जिसने माना कहना।
मुश्किल है इस जहां में,
इज्ज़त से उसका रहना।
गर चाहते हो इज्ज़त।।
कहना बड़ों का मानो ....
तुम सब हो छोटे बच्चे,
दिल के अभी हो कच्चे।
तुमको ख़बर नहीं है,
अपने बुरे भले की।
गर चाहते हो अपनी,
दुनिया में तुम बड़ाई।
कहना बड़ों का मानो.......
रचयिता
ऐ मेरे प्यारे बच्चों।
कहना बड़ों का मानो ...
माँ, बाप या गुरु का,
न जिसने माना कहना।
मुश्किल है इस जहां में,
इज्ज़त से उसका रहना।
गर चाहते हो इज्ज़त।।
कहना बड़ों का मानो ....
तुम सब हो छोटे बच्चे,
दिल के अभी हो कच्चे।
तुमको ख़बर नहीं है,
अपने बुरे भले की।
गर चाहते हो अपनी,
दुनिया में तुम बड़ाई।
कहना बड़ों का मानो.......
रचयिता
मनोहर लाल गौतम,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय कनिगवाॅ,
विकास खंड -बीसलपुर,

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