एक संदेश अभिभावकों को

हो जाओ तैयार,
अपना कर्तव्य निभाने को।
पाठशाला भेजो  प्रतिदिन, 
अपने पाल्यों को।
रहे न वंचित कोई,
अपनी शिक्षा पाने को।
है शिक्षक का संदेश यही,
अभिभावकों को।

करो न कोई बहाना,
माँग समय की समझो तुम।
यदि निकल गया यह अवसर,
फिर पछताओगे तुम।
शिक्षा रूपी दिनकर से,
तिमिर को काट सकोगे तुम।
अनपढ़ रहे न संतान तुम्हारी,
इसकी जिम्मेदारी लो तुम।

है शिक्षक का संदेश यही, अभिभावकों को

हर बाधा छोटी पड़ जाती है,
यदि हौसला हो अपने मन में।
बस आगे - आगे बढ़ते  जाओ,
मंजिल मिलती हर हालत में।
दीप जलाओ शिक्षा का,
ज्ञान का उजियारा फैले आँगन में
सभी धनों में उत्तम है शिक्षा,
इसके बिना अधूरापन है जीवन में।

है शिक्षक का संदेश यही, अभिभावकों को।

रचयिता
प्रतिमा उमराव,
सहायक शिक्षिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमौली,
विकास खण्ड-अमौली,
जनपद-फतेहपुर।

Comments

Total Pageviews