शिक्षक और बच्चे

 शिक्षक में बच्चों की यह छवि
 भविष्य में है कुछ कर दिखाना
बच्चों के प्रति शिक्षक द्वारा समझाना
बच्चों ने देखा रूप माता-पिता का शिक्षक के आईने में
शिक्षक में गुण हो तो बच्चे सँवर जाएँ
शिक्षक भी अपने बचपन में दोबारा लौट जाएँ
नवाचार खेल-खेल में डॉक्टर भी बन जाए
 बच्चों में शिक्षक की यह छवि
बच्चे नहीं समझते आज के युग में
शिक्षक का क्या महत्व क्या  सम्मान
 शिक्षक हमें सिखाए शिष्टाचार
समाज से लड़ना हमें सिखाए
बच्चों में नयी-नयी प्रतिभा लाए
उनमें आगे बढ़ने की चेष्टा जगाए
शिक्षक में बच्चों की यह छवि
 बच्चों की आत्मा में शिक्षक गर समाया
 बच्चों में प्रतिभा हो तो शिक्षक की छवि नजर आए
बच्चों द्वारा सम्मान शिक्षक की आँखों में आँसू लाए
 शिक्षक द्वारा पुस्तकें आसान यूँ लगे
 कर धन्यवाद शिक्षक
 प्रणाम हम करें प्रणाम हम करें
शिक्षक को प्रणाम हम करें

 रचयिता   
शहाना सैफी,
शिक्षामित्र,
प्राथमिक विद्यालय नंबर 1, 
नगर क्षेत्र-पिलखुआ,
जनपद-हापुड़।

Comments

Post a Comment

Total Pageviews