मिशन शिक्षण संवाद
विमल बुद्धि ने दीप एक जलाया।
संग अपने देश मे कारवाँ चला दिया।
मेहता जी ने संग माधव को चलाया,
उत्तराखण्ड के सब जिले ब्लॉकों तक पहुँचाया
चलो हाथ से हाथ मिलायें,
शिक्षा की नवधारा बहायें।
भाषा और योग को अपनाया,
शिक्षा संग संस्कार को चलाया
कहानी है पिटारा कविता की धारा
ऐसा है मिशन शिक्षण हमारा
चल रहा मिशन कोशिश,
तब कुछ ऐसा मैंने पाया।
कुछ को मैंने कुछ ने मुझको,
जैसे बहुत कुछ है समझाया।
कुछ के मन में गहराई,
कुछ के मन में है चंचलता।
कोई कलाकार है देखो,
कुछ में ज्ञान पुन्ज है झलकता
कुछ से मिले मुझे चंचलता,
अनन्त कुछ से मिले गहराई।
कुछ से मिले ज्ञान सागर,
कुछ से आए मुझमें कलाकारी।
समेटकर ज्ञान कुम्भ को,
मन मस्तिष्क में पूर्णता आए।
शिक्षक होने का गौरव पाऊँ,
कमी न कोई रह जाए।
रचयिता
रीता सेमवाल,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय नीलकंठ,
विकास खण्ड-यमकेश्वर,
जनपद-पौड़ी गढ़वाल।
संग अपने देश मे कारवाँ चला दिया।
मेहता जी ने संग माधव को चलाया,
उत्तराखण्ड के सब जिले ब्लॉकों तक पहुँचाया
चलो हाथ से हाथ मिलायें,
शिक्षा की नवधारा बहायें।
भाषा और योग को अपनाया,
शिक्षा संग संस्कार को चलाया
कहानी है पिटारा कविता की धारा
ऐसा है मिशन शिक्षण हमारा
चल रहा मिशन कोशिश,
तब कुछ ऐसा मैंने पाया।
कुछ को मैंने कुछ ने मुझको,
जैसे बहुत कुछ है समझाया।
कुछ के मन में गहराई,
कुछ के मन में है चंचलता।
कोई कलाकार है देखो,
कुछ में ज्ञान पुन्ज है झलकता
कुछ से मिले मुझे चंचलता,
अनन्त कुछ से मिले गहराई।
कुछ से मिले ज्ञान सागर,
कुछ से आए मुझमें कलाकारी।
समेटकर ज्ञान कुम्भ को,
मन मस्तिष्क में पूर्णता आए।
शिक्षक होने का गौरव पाऊँ,
कमी न कोई रह जाए।
रचयिता
रीता सेमवाल,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय नीलकंठ,
विकास खण्ड-यमकेश्वर,
जनपद-पौड़ी गढ़वाल।

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