ज्ञान की जोत जलाओ
घर का दीपक बन जाओ साथी
ज्ञान की जोत जलाओ।
कोई भी बच्चा छूट न जाए
मिलकर ज़ोर लगाओ।
शिक्षा ही वह सच्चा साथी
भला बुरा समझाए
ज्ञान चक्षु को खोल सभी के
सही राह दिखलाए
बिन शिक्षा के अंधकार सब
नया सवेरा लाओ।
घर का दीपक....
साथी शिक्षा बहुत ज़रूरी
जैसे भोजन पानी
पेट तुम्हारा भी भर देगी
मत करना नादानी
दूर-दूर से मत देखो अब
बढ़कर गले लगाओ।
घर का दीपक....
शोषण कोई कर न सकेगा
ऐसी ताकत लाएगी
भेद सके न कोई शत्रु
कवच तुम्हें पहनाएगी
रोटी भले ही आधी खा लो
बन शिक्षित मान बढ़ाओ।
घर का दीपक....
हर बच्चा जब तक नहीं शिक्षित
कैसे देश महान हो?
भूखे बालक और गरीबी
क्यों अपनी पहचान हो?
शिक्षा रूपी हथियार पकड़
भारत की शान बढ़ाओ।
घर का दीपक बन जाओ साथी
ज्ञान की जोत जलाओ।
रचयिता
तिलक सिंह,
प्रधानध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय फुसावली,
विकास खण्ड-गंगीरी,
जनपद-अलीगढ़।
ज्ञान की जोत जलाओ।
कोई भी बच्चा छूट न जाए
मिलकर ज़ोर लगाओ।
शिक्षा ही वह सच्चा साथी
भला बुरा समझाए
ज्ञान चक्षु को खोल सभी के
सही राह दिखलाए
बिन शिक्षा के अंधकार सब
नया सवेरा लाओ।
घर का दीपक....
साथी शिक्षा बहुत ज़रूरी
जैसे भोजन पानी
पेट तुम्हारा भी भर देगी
मत करना नादानी
दूर-दूर से मत देखो अब
बढ़कर गले लगाओ।
घर का दीपक....
शोषण कोई कर न सकेगा
ऐसी ताकत लाएगी
भेद सके न कोई शत्रु
कवच तुम्हें पहनाएगी
रोटी भले ही आधी खा लो
बन शिक्षित मान बढ़ाओ।
घर का दीपक....
हर बच्चा जब तक नहीं शिक्षित
कैसे देश महान हो?
भूखे बालक और गरीबी
क्यों अपनी पहचान हो?
शिक्षा रूपी हथियार पकड़
भारत की शान बढ़ाओ।
घर का दीपक बन जाओ साथी
ज्ञान की जोत जलाओ।
रचयिता
तिलक सिंह,
प्रधानध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय फुसावली,
विकास खण्ड-गंगीरी,
जनपद-अलीगढ़।

Utkrisht poem
ReplyDeleteNice poem.
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