माता का गुणगान
आइए माता रानी का गुणगान गाइए,
आइए माता रानी से वरदान पाइए।
भक्ति करो अम्बा की, बिगड़ी बनाइए,
जीवन सफल हो माता से, वरदान पाइए।
शेर पर सवार माता को, नमन कीजिए,
संकट पडे़ तो माँ अम्बा की, शरण लीजिए।
माँ की महिमा अपार है, महिमा बखानिए,
जगत जननी हैं माँ दुर्गा, जीवन संवारिए।
करूणामयी हैं माता, माँ को मन में बसाइए,
संसार में प्रसिद्ध हैं ऐसी, गरिमा को जानिए।
अमोघ फल की दायिनी हैं माँ, ग्रहण कीजिए,
अनन्त दान की दाता हैं माँ, दान लीजिए।
दुष्ट दैत्य दानव चहुँओर हैं माता, संहार कीजिए,
अपने सच्चे भक्तों की भक्ति, स्वीकार कीजिए।
रचयिता
डॉ0 रचना सिंह,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय कटरी पीपरखेड़ा
विकास खण्ड-सिकन्दरपुर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।
आइए माता रानी से वरदान पाइए।
भक्ति करो अम्बा की, बिगड़ी बनाइए,
जीवन सफल हो माता से, वरदान पाइए।
शेर पर सवार माता को, नमन कीजिए,
संकट पडे़ तो माँ अम्बा की, शरण लीजिए।
माँ की महिमा अपार है, महिमा बखानिए,
जगत जननी हैं माँ दुर्गा, जीवन संवारिए।
करूणामयी हैं माता, माँ को मन में बसाइए,
संसार में प्रसिद्ध हैं ऐसी, गरिमा को जानिए।
अमोघ फल की दायिनी हैं माँ, ग्रहण कीजिए,
अनन्त दान की दाता हैं माँ, दान लीजिए।
दुष्ट दैत्य दानव चहुँओर हैं माता, संहार कीजिए,
अपने सच्चे भक्तों की भक्ति, स्वीकार कीजिए।
रचयिता
डॉ0 रचना सिंह,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय कटरी पीपरखेड़ा
विकास खण्ड-सिकन्दरपुर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।

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