एक संदेश
बच्चों, जीवन की न टूटे आस,
आस जगाओ जलाकर प्रकाश।
जगमग कर दो अपना देश,
देश है अपना सबसे विशेष।
तिमिर मिटाने को बढ़ाओ हाथ,
हम भी हैं खड़े तुम्हारे साथ।
सकल राष्ट्र की आशा है तुमसे,
मातृभूमि की शोभा है तुम से।
तूफानों से डरकर, तुम कभी न भागना,
सच्चा मानव बन एक-दूसरे का हाथ थामना।
नवसृजन की बेला आई पावन,
प्रकाशमय कर दो सबका जीवन।
न हारे कभी तुम्हारी इच्छाशक्ति,
मन में सदैव बनी रहे देशभक्ति।
भाव रहें निर्मल पावन गंगाजल से,
जियो सदा आन, मान और शान से।
रचयिता
सुमन शर्मा,
इं. प्रधनाध्यापक
पूर्व माध्यमिक विद्यालय मांकरौल,
विकास खण्ड - इगलास,
जनपद - अलीगढ़।
आस जगाओ जलाकर प्रकाश।
जगमग कर दो अपना देश,
देश है अपना सबसे विशेष।
तिमिर मिटाने को बढ़ाओ हाथ,
हम भी हैं खड़े तुम्हारे साथ।
सकल राष्ट्र की आशा है तुमसे,
मातृभूमि की शोभा है तुम से।
तूफानों से डरकर, तुम कभी न भागना,
सच्चा मानव बन एक-दूसरे का हाथ थामना।
नवसृजन की बेला आई पावन,
प्रकाशमय कर दो सबका जीवन।
न हारे कभी तुम्हारी इच्छाशक्ति,
मन में सदैव बनी रहे देशभक्ति।
भाव रहें निर्मल पावन गंगाजल से,
जियो सदा आन, मान और शान से।
रचयिता
सुमन शर्मा,
इं. प्रधनाध्यापक
पूर्व माध्यमिक विद्यालय मांकरौल,
विकास खण्ड - इगलास,
जनपद - अलीगढ़।

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