अंतरमन की व्यथा
मेरे अंतर्मन में उठते हैं कई सवाल,
क्यों धरती हमसे रूठी है,
क्यों पर्यावरण है नाराज,
क्यों भोर चढ़े अब नहीं सुनाई देती,
पहले जैसी पक्षियों के कलरव की आवाज,
क्यों नहीं रही अब हवा पहले जैसी शुद्ध ,
क्यों नहीं मिल रही हमको जीने योग्य श्वांस,
क्यों समा लिया धरती ने अपने अंदर जल को,
क्यों जल के लिए चिंतित हैं मानव आने वाले कल को,
क्यों हो गई है धरती इतनी गर्म और तप्त,
क्यों ग्लोबल वार्मिंग ने विचलित कर दिया मनुष्य को,
क्यों होती है अब असमय वर्षा और ताप,
क्यों पड़ जाता है सूखा और आ जाती है बाढ़,
ना आपदा का समय है निश्चित,
ना रही किसी महामारी पर रोक,
क्यों बढ़ रहा है प्रतिदिन प्रदूषण,
क्यों बिगड़ रहा है तेजी से जलवायु का संतुलन,
इन सभी प्रश्नों का मिलता मुझको एक जवाब,
मानव ने अपने स्वार्थ के लिए,
पृथ्वी संग किया बढ़ा खिलवाड़,
प्रकृति को नष्ट करके उसने,
किया बड़ा अन्याय,
किया बड़ा अन्याय, किया बड़ा अन्याय।।
रचयिता
गुलनाज आरिफ,
सहायक अध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हाफिजपुर,
विकास खण्ड-उबारपुर,
जनपद-हापुड़।
क्यों धरती हमसे रूठी है,
क्यों पर्यावरण है नाराज,
क्यों भोर चढ़े अब नहीं सुनाई देती,
पहले जैसी पक्षियों के कलरव की आवाज,
क्यों नहीं रही अब हवा पहले जैसी शुद्ध ,
क्यों नहीं मिल रही हमको जीने योग्य श्वांस,
क्यों समा लिया धरती ने अपने अंदर जल को,
क्यों जल के लिए चिंतित हैं मानव आने वाले कल को,
क्यों हो गई है धरती इतनी गर्म और तप्त,
क्यों ग्लोबल वार्मिंग ने विचलित कर दिया मनुष्य को,
क्यों होती है अब असमय वर्षा और ताप,
क्यों पड़ जाता है सूखा और आ जाती है बाढ़,
ना आपदा का समय है निश्चित,
ना रही किसी महामारी पर रोक,
क्यों बढ़ रहा है प्रतिदिन प्रदूषण,
क्यों बिगड़ रहा है तेजी से जलवायु का संतुलन,
इन सभी प्रश्नों का मिलता मुझको एक जवाब,
मानव ने अपने स्वार्थ के लिए,
पृथ्वी संग किया बढ़ा खिलवाड़,
प्रकृति को नष्ट करके उसने,
किया बड़ा अन्याय,
किया बड़ा अन्याय, किया बड़ा अन्याय।।
रचयिता
गुलनाज आरिफ,
सहायक अध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हाफिजपुर,
विकास खण्ड-उबारपुर,
जनपद-हापुड़।

Very nice mam👏👏
ReplyDeleteBeautiful thoughts mam(from Dr.Suman Agarwal,)
ReplyDeleteVery nice mam🌹🌹🌹🌹(from Dr.Suman Agarwal)
ReplyDeleteok mam nice to meet you
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