गुलजार हो विद्यालय
तर्ज-मुझे दे दर्शन गिरधारी......
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
बच्चों तुम विद्यालय की फुलवारी हो।
फिर आओ तुम विद्यालय में,
चहको बनकर चिड़िया।
ईश्वर करे जल्द हो दर्शन,
महके फिर से बगिया।
रौशन तुमसे क्यारी हो।
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
वैश्विक आपदा जो आई,
सब को दूर किया है।
समय था आया उत्सव का,
तो संकट खड़ा किया है।
खत्म हो जल्दी स्थिति ये।
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
कठिन समय में ही वीरों की
होती अग्निपरीक्षा,
विचलित न हो करके बच्चों,
पूरी करो सब इच्छा।
मन लगाकर के पढ़ाई करो।
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
विद्यालय ने शुरू किया है
ऑनलाइन शिक्षण करना,
जब तक ना स्कूल खुले,
घर में रहकर ही पढ़ना।
प्राप्त परिणाम सारे हों।
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
बच्चों विद्यालय की फुलवारी हो,
गुलजार तुमसे विद्यालय हो।
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
बच्चों तुम विद्यालय की फुलवारी हो।
फिर आओ तुम विद्यालय में,
चहको बनकर चिड़िया।
ईश्वर करे जल्द हो दर्शन,
महके फिर से बगिया।
रौशन तुमसे क्यारी हो।
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
वैश्विक आपदा जो आई,
सब को दूर किया है।
समय था आया उत्सव का,
तो संकट खड़ा किया है।
खत्म हो जल्दी स्थिति ये।
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
कठिन समय में ही वीरों की
होती अग्निपरीक्षा,
विचलित न हो करके बच्चों,
पूरी करो सब इच्छा।
मन लगाकर के पढ़ाई करो।
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
विद्यालय ने शुरू किया है
ऑनलाइन शिक्षण करना,
जब तक ना स्कूल खुले,
घर में रहकर ही पढ़ना।
प्राप्त परिणाम सारे हों।
गुलजार तुमसे विद्यालय हो
बच्चों विद्यालय की फुलवारी हो,
गुलजार तुमसे विद्यालय हो।
रचयिता
सुमन पांडेय,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय टिकरी मनौटी,
शिक्षा क्षेत्र -खजुहा,

So Nice
ReplyDeleteThank you all
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