शेरनी का दूध

जो शेरनी का दूध पियेगा

वही दहाड़ेगा।

कर में शिक्षा की मशाल ले,

अन्धकार को फाड़ेगा।।


पढ़ी-लिखी सन्तानें ही,

इतिहास लिखा करती हैं।

राष्ट्र प्रेम के गौरव हित,

बलिदान दिया करती हैं।।


शोषित, वंचित नहीं रहेंगे,

पढ़ी-लिखी यदि पीढ़ी होगी।

हर बच्चा आकाश छुएगा,

जब शिक्षा की सीढ़ी होगी।।


शिक्षा से विकास की राहें,

खुलें चतुर्दिक ओर।

मन मस्तिष्क सबल होगा,

जब हो शिक्षा की भोर।।


रचयिता
राजकुमार शर्मा,
प्रधानाध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय चित्रवार,
विकास खण्ड-मऊ,
जनपद-चित्रकूट।

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