05/2026, बाल कहानी - 21 जनवरी
ये #दैनिक_नैतिक_प्रभात - 05/2026
*21 जनवरी 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी - #सुनसान_रास्ता
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एक गाँव के मुख्य मार्ग के बगल से एक रास्ता गुजरकर जाता था। पूरे गाँव में अफवाह फैली हुई थी कि उस रास्ते पर पीपल के पास एक भूत रहता है। इसी डर से कोई भी व्यक्ति उस रास्ते पर नहीं जाता था, जबकि वह रास्ता कई अन्य गाँव के लिए माध्यम का कार्य करता था।
एक दिन गाँव में चर्चा हो रही थी कि उस राह पर एक आदमी साइकिल से जा रहा था। वह बेहोश पड़ा मिला.और जब उसे होश आया, तब वह भूत-भूत चिल्ला रहा था।
अभी तक किसी ने भी भूत को नहीं देखा था। बस! हर किसी के साथ घटना घटती थी, जो भी व्यक्ति भूले-भटके उस राह से जाता था।
एक दिन उस गाँव में रहने वाले लालाराम के यहाँ दिल्ली से उनका भतीजा अमन आया। जब उन्होंने गाँव वालों के मुँह से उस सुनसान रास्ते के भूत के बारे में सुना तो उस रास्ते पर जाने की इच्छा जतायी।
लालाराम ने अमन से कहा, "बेटा! उस रास्ते पर जाने से क्या फायदा है, जहाँ पर हमें जान का खतरा हो।" अमन ने उत्तर दिया, "चाचा जी! मैं भी जरा देखना चाहता हूँ, कि ऐसा क्या है, जो हर आदमी डरा हुआ है।"
चाचा जी अमन के आगे हार गए और अमन के साथ सवेरे उसी रास्ते पर निकल पड़े। रास्ते में अचानक एक साधु ने उन लोगों को रोककर जबरदस्ती एक पाउडर उनकी नाक पर लगाकर सुँघा दिया। लेकिन अमन ने झटके से उसे फेंक दिया जो कि साधु के ऊपर गिरा और साधु खुद बेहोश हो गए। अमन ने कहा, "चाचा जी! जल्दी आगे चलो!" जैसे ही वह लोग आगे गये, वैसे उन्होंने देखा कि दूर रास्ते के किनारे झाड़ियों में अवैध कच्ची शराब का निर्माण हो रहा था। यह सब देखकर अमन और चाचा जी वापस आ गये। अमन ने पुलिस को फोन करके उस रास्ते पर हो रहे अवैध शराब निर्माण के बारे में सारी जानकारी बतायी और पुलिस ने वहाँ पर पहुँचकर सभी को गिरफ्तार कर लिया। जब सारे गाँव वालों को यह बात पता चली तो हर कोई आश्चर्य में था। इन सब बातों के पीछे कितना बड़ा रहस्य छुपा था! पता चला कि वहाँ पर चोरी की योजनाएँ बनायी जाती थीं। अमन ने चाचा जी से कहा, "चाचा जी! मुझे फोन पर कई लोगों ने यहाँ के बारे में बताया था तो मैं समझ गया था कि कुछ न कुछ रहस्य जरूर है। बस, वही सच जानने में यहाँ आया था और आज सारी सच्चाई सामने आ गई।
चाचा जी ने कहा, "सही कह रहे हो बेटा! उसी रास्ते से तुम्हारी चाची के मौसा जी का घर बहुत पास है। इस बार मैं उनके घर इसी रास्ते से जाऊँगा।" अमन ने कहा, "देख लेना चाचा जी! उस रास्ते पर आपको भूत न पकड़ ले। यह बात सुनकर दोनों तेजी से हँस पड़े।"
#संस्कार_सन्देश -
हमें अन्धविश्वासी नहीं होना चाहिए।
कहानीकार-
#शालिनी (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय- कूँड़
विकास क्षेत्र - करहल।
जनपद- मैनपुरी (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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