नीरजा भनोट

भारत की वह बेटी जिसने

अदम्य साहस और शौर्य दिखलाया

अपने जीवन का दान करके

अनेक लोगों का जीवन बचाया।।


7 सितम्बर 1963 को चंडीगढ़ में 

जन्मी साहस की रानी नीरजा भनोट

पिता का नाम था हरीश भनोट और

माता का नाम रमा भनोट।। 


पैन एम विमान में एयर होस्टेस के 

पद पर तैनात नीरजा भनोट

मुंबई से न्यूयॉर्क पैन एम 73 पर सवार 

370 यात्रियों सहित निकली थी भनोट।।


आतंकियों द्वारा विमान हाईजैक करने 

पर साहस के साथ सामना किया

बड़ी बहादुरी से 360 यात्रियों की बचाई 

जान और खुद का जीवन दान दिया।।


23 वर्ष की उम्र में 5 सितम्बर 

1986 को आपने जान गँवाई 

अपनी वीरता के लिए सम्पूर्ण विश्व में 

क्वीन ऑफ़ हाईजैक के रूप में ख्याति पाई।।


भारत सरकार ने इस अदम्य वीरता के 

लिए मरणोपरांत अशोक चक्र प्रदान किया

भारत की बेटी ने सम्पूर्ण दुनिया को

नारी शक्ति का सन्देश दिया।।


रचनाकार

मृदुला वर्मा,

सहायक अध्यापक,

प्राथमिक विद्यालय अमरौधा प्रथम,

विकास खण्ड-अमरौधा,

जनपद-कानपुर देहात।

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