जय हो

करे तेरी जय जयकार,

ये सारा संसार।

तुम हो देवों के शिल्पकार,

सदा तेरी जय जयकार।


वास्तुकला के तुम हो ज्ञाता,

तुम ही सृष्टि निर्माता।

जग माने तुमसे हार,

सदा तेरी जय जयकार।


सारी कलाएँ तुझमें समाएँ,

तेरी हर रचना मन को भाए।

कोई पाए ना तेरा सार,

सदा तेरी जय जयकार।


जग के प्रथम इंजीनियर हो,

जग के पहले शिल्पकार हो।

तेरी महिमा अपरम्पार,

सदा तेरी जय जयकार।


देवों के नगर तुमने बनाए,

अस्त्र शस्त्र भी तुमने बनाए।

नमन तुमको शिल्पवतार।

सदा तेरी जय जयकार।


आशीष हमें तेरा मिल जाए,

सफल हमारा जीवन हो जाए।

प्रभु कर दो हम पर उपकार,

सदा तेरी जय जयकार।


रचनाकार

सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।



Comments

Total Pageviews