मातृभाषा हिंदी

एक मात्र ही देश है भारत,

जिसका दर्जा है माँ सा।

भाषाओं के शीर्ष पे बैठी,

मेरे भारत की भाषा।।


14 सितम्बर 1949, ऐसा विशेष दिन आया,

राजभाषा-हिंदी को भारत ने भी गले लगाया।

हर भारतवासी ने तब से हिन्दी दिवस मनाया,

अनुच्छेद-343(1) में इसका उल्लेख है छाया।।


हम सबकी पहचान है,

हर दिल का अरमान है।

भारत देश महान है,

हिन्दी जिसकी शान है।।


हिन्दी बोलो शर्माओ नही,

माँ को Mom बुलाओ नही।

हिन्दी का सम्मान करो,

निज भाषा पर अभिमान करो।।


रचयिता

अंकुर पुरवार,

सहायक अध्यापक,

उच्च प्राथमिक विद्यालय सिथरा बुजुर्ग,

विकास खण्ड-मलासा,

जनपद-कानपुर देहात।



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