विश्व हाथ धुलाई दिवस

हमारा भविष्य हमारे हाथ,

स्वच्छता रहेगी हमारे साथ,

एक साथ आगे बढ़ें,

स्वच्छता का पाठ हम सब पढ़ें।


30 सेकंड तक हाथ है धोना,

भूल जाओ तो फिर मत रोना,

सर्दी, खाँसी, उल्टी- दस्त,

ये सब सताएँगे जबरदस्त।


प्यारे बापू का सपना था,

स्वच्छ भारत बनाने का,

हाथ धुलाई को अपनाकर,

बीमारियों से बच जाने का।


हाथ धोकर खाना खाएँगे जरूर,

बीमारियाँ तभी भागेंगी कोसों दूर,

आइए समय-समय पर हाथ धोने का संकल्प लें,

स्वस्थ समाज बनाने का प्रयत्न करें।


संपूर्ण  विश्व के स्वर्ण पटल पर,

स्वच्छ भारत का नाम होगा,

हाथ धुलाई अभियान से अब,

बच्चा-बच्चा जागरूक होगा।


रचयिता

भारती मांगलिक,

सहायक अध्यापक,

कम्पोजिट विद्यालय औरंगाबाद,

विकास खण्ड-लखावटी,

जनपद-बुलंदशहर।



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