विश्व प्रकृति दिवस

धरती नहीं रही अब हरी भरी

हो रहे हैं पेड़ पौधे अल्प

प्रकृति को बचाने की खातिर

पेड़ पौधे लगाने का हम लें संकल्प


अपने बच्चों के जन्मदिन पर

अब हर साल एक पेड़ लगाएँ

उस यादगार दिन की ख़ुशी

पेड़ लगाकर चिर स्थायी बनाके 


आने वाले अतिथियों को अब

ना पहनाएँ फूलों का हार

एक नन्हा पौधा लाएँ

ये ही दें उसको उपहार


है ज़रूरी हमारे लिए

घर बनाएँ और सड़क बनाएँ

मगर ध्यान रहे न इसकी खातिर

हम एक भी पेड़ गिराएँ


जब होगी हमारी पृथ्वी हरी भरी

तभी होगा हमारा पर्यावरण स्वस्थ

पानी भी बरसेगा फ़िर प्रचुर मात्रा में

आने वाली पीढ़ी भी रह सकेगी मस्त


रचयिता

भावना तोमर,

सहायक अध्यापक,

प्राथमिक विद्यालय  नं०-1 मवीकलां,

विकास खण्ड-खेकड़ा,

जनपद-बागपत।



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