निष्ठा गीत

स्कूल का मुखिया जैसा होगा, वैसे होंगे छात्र।

मिला प्रशिक्षण निष्ठा का है, सभी सुधारो पात्र -

यही है विनय हमारी, न रखना अब लाचारी।।


विद्यालय परिवेश स्वस्थ हो, हम सब जिम्मेदार।

विकसित हो नेतृत्व कुशलता, संयमित हो व्यवहार

जरूरत इसकी भारी, न रखना۔۔۔۔۔۔۔


भेद लैंगिक रञ्च नहीं हो, भय से रखिये दूर।

बाल केन्द्रित शिक्षण करिए, प्रतिफल हो भरपूर -

यही मंशा सरकारी, न रखना ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔


छात्र हमें हम उनको समझें, सखा भाँति सम्बन्ध।

नयी पहल रूबरू कराएँ, न कोई अनुबन्ध।

शिक्षा व्यवसायिक सारी, न रखना۔۔۔۔۔۔۔۔۔


पर्यावरण, सामाजिक, भाषा, गणित और विज्ञान।

कला समेकित, शिक्षण अधिगम, आईसीटी वरदान

पाठ्यचर्या हो प्यारी, न रखना ۔۔۔۔۔۔۔۔۔


रचयिता

कवि सन्तोष कुमार 'माधव',

सहायक अध्यापक,

पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुरहा,

विकास खण्ड-कबरई,

जनपद-महोबा।

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