जय श्री राम

राम धुन की अखंड बौछार है,

आया भाई आया आज नव त्योहार है।

सनातन की विजय का शंखनाद है,

दसों दिशाओं में परमानंद है।।


नए युग की शुरुआत है,

सब के तन मन प्रफुल्लित हैं।

घर-घर में दीप प्रज्वलित हैं,

मन, मस्तिष्क एक नवीन स्मृति अंकित है।।


आओ री सखि तोरण द्वार बनाओ,

घर आँगन रंगोली सजाओ।।

सब मिल मंगल गीत गाओ,

प्रभु को छप्पन भोग लगाओ।।


रचयिता

प्रियंका गौतम,

प्रधानाध्यापक,

कंपोजिट विद्यालय कन्या एत्मादपुर,

विकास खण्ड-एत्मादपुर, 

जनपद-आगरा।

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