178/2026, बाल कहानी- 08 अक्टूबर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 178/2026
*08 अक्टूबर 2027 (गुरुवार)*
#बाल_कहानी - #महुआ_के_लड्डू 
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पुराने समय की बात है, एक गाँव में एक बुढ़िया और उसके चार बेटे रहते थे। गाँव में कोई काम नहीं था। बेटों ने माँ से कहा, "हम काम करने के लिए परदेस जाएँगे। हमें कलेवा तैयार कर देना।"
उस समय गाँव में गरीबी के कारण महुआ, चने का नाश्ता हुआ करता था। बुढ़िया ने सुबह अन्धेरे में ही उठकर ओखली में महुआ, चना कूटकर उनके लड्डू बना दिए और पोटली में बाँधकर दे दिए। चारों भाई खुशी-खुशी परदेस चले गये। 
सुबह जब उजाला हुआ तो बुढ़िया ने देखा कि ओखली में साँप मरा पड़ा है। अन्धेरे में महुआ के साथ साँप भी लड्डुओं में कुट गया था। अब बुढ़िया को चिन्ता हुई। उसे लगा कि लड्डुओं में साँप का जहर मिल गया है, अब उसके बेटे जिन्दा नहीं बचेंगे। यह सोचकर बुढ़िया खूब रोने लगी। आस-पास के लोगों ने सुना तो दौड़े हुए बुढ़िया के घर आये और रोने का कारण पूछा तो बुढ़िया ने जो बताया, उसे सुनकर उनके भी होश उड़ गए। सबने मान लिया कि बुढ़िया के चारों बेटे अब इस दुनिया में नहीं रहे। पर ....
यह क्या चौथे दिन बुढ़िया के चारों बेटे हँसते-खेलते वापस आ गये। उन्होंने बताया कि, "वहाँ उन्हें काम नहीं मिला इसलिये वापस आ गए हैं।"
बुढ़िया अपने बेटों को जिन्दा देखकर हैरान रह गई और बोली, "तुम जिन्दा हो"? तो बेटों ने कहा "हाँ, क्या हुआ?" बुढ़िया ने बताया कि, "जो लड्डू तुम्हें दिए थे, उनमें साँप कुचल गया था, उनमें साँप का जहर था..."
"साँप का जहर..!" बेटों ने सुना तो अवाक् रह गए और बोले, "क्या हमने जहर के लड्डू खाये हैं?" और वह चारों दरवाजे पर ही गिर गए और उनकी मृत्यु हो गई।
असल में हुआ यह था कि ओखली में बैठा साँप बुढ़िया की आहट सुनकर भागने लगा होगा और उसका सिर ओखली से बाहर निकल आया होगा, जिससे उसका बाकी शरीर लड्डुओं के साथ कुचलकर मिल गया होगा, क्योंकि जहर साँप के मुँह में होता है तो लड्डुओं में जहर मिला ही नहीं, इसीलिए चारों बेटे जीवित बने रहे।
जब बेटों को पता चला कि उन्होंने जहर के लड्डू खाए हैं तो उनके मस्तिष्क में जहरीले हार्मोन उत्पन्न हो गए और उन चारों बेटों की मृत्यु हो गई। डॉक्टरों का भी कहना है कि जैसा हम सोचते हैं वैसे ही हार्मोन हमारे शरीर में उत्पन्न हो जाते हैं और इसी कारण एक स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार होकर मृत्यु को प्राप्त हो जाता है।

#संस्कार_सन्देश -
हमें हमेशा सकारात्मक सोचना अपनानी चाहिए और परिस्थितियों पर भी विचार करना चाहिए।
 
कहानीकार-
#जमीला_खातून (से०नि०प्र०अ०)
प्रा० पा० गढ़धुरियागंज 
नगर क्षेत्र- मऊरानीपुर 
ब्लॉक- मऊरानीपुर, झाँसी

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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