189/2026, बाल कहानी- 24 अक्टूबर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 189/2026
*24 अक्टूबर 2026 (शनिवार)*
#बाल_कहानी- #हम_अनुशासित_बनें
-----------------------

प्रयागराज के करपिया स्कूल में कक्षा 4 में सोनू नाम का एक लड़का पढ़ता था। वह बहुत होशियार था, पर बिल्कुल भी अनुशासित नहीं था। कभी वो बिना होमवर्क किए आ जाता, कभी प्रार्थना में लाइन तोड़कर आगे खड़ा हो जाता, कभी लंच टाइम से पहले ही टिफिन खोल लेता।

एक दिन स्कूल में "अनुशासन सप्ताह" मनाया गया। सर ने कहा - "इस पूरे हफ्ते जो सबसे अनुशासित रहेगा, उसे अनुशासन बैज मिलेगा।" सोनू ने सोचा - "मैं भी कोशिश करूँगा।" पहले दिन बड़ी मुश्किल हुई। मन किया लाइन तोड़ दूं, पर वो रुक गया। दूसरे दिन टिफिन देखकर भूख लगी, पर उसने घंटी का इन्तजार किया।

तीसरे दिन वो समय पर उठा, जूते पॉलिश किए, यूनिफॉर्म पहनी और 5 मिनट पहले स्कूल पहुँच गया। धीरे-धीरे उसे मजा आने लगा। उसने देखा - जब वो समय पर काम करता है तो काम जल्दी खत्म हो जाता है, सर डांटते नहीं, दोस्त भी उसकी नकल करने लगे। हफ्ते के आखिर में अनुशासन बैज सोनू को ही मिला। सर ने कहा - "अनुशासन सजा नहीं, सफलता की आदत है।" सोनू समझ गया कि होशियार होना बड़ी बात नहीं, अनुशासित होना बड़ी बात है।

#संस्कार_सन्देश- 
हम सबको अनुशासित बनना चाहिए। अनुशासन से ही जीवन सुन्दर और सफल बनता है। अनुशासित व्यक्ति ही समय का सदुपयोग करके अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है।

कहानीकार-
#शंखधर_द्विवेदी (स०अ०)
उच्च प्राथमिक विद्यालय (1-8) करपिया
ब्लाॅक- कोरांव, प्रयागराज (उ०प्र०)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

Comments

Total Pageviews